बरेली में बशीर मियां के उर्स में लगा अकीदतमन्दो तांता, पूर्वमंत्री अताउर्रहमान ने की चादरपोशी

  • मुनीब हुसैन

बरेली। गुलाबनगर स्थित दरगाह बशीर मियां के उर्स के चौथे दिन दिन भर दूरदराज से आये मुरीदों का सिलसिला जारी रहा। उर्स तक़रीबात सुबह बाद नमाज़े फ़ज़र क़ुरआनख़्वानी से हुई। बाद नमाज़े जुमा हज़रत बशीर मियां रहमतुल्लाह अलेह के मज़ार पर अकीदतमंदों ने गुलपोशी व चादरपोशी कर मन्नते मुरादे माँगी।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता एवं हज सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्वमंत्री हाजी अताउर्रहमान ने दरगाह बशीरी पर हाज़री दी और उर्स मुबारक़ की मुबारक़बाद पेश करते हुऐ मुल्क़ ओ मिल्लत की सलामती खुशहाली, अमनो अमान के साथ साथ भाईचारे को ख़ुसूसी दुआ माँगी। उन्होंने कहा कि हज़रत बशीर मियां ने अंग्रेजी शासन में भी दीन दुखियों की हमेशा मदद की। हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी खान वारसी, नवाब अय्यूब हसन खाँ, क़दीर अहमद, मोहसिन इरशाद, हाजी साकिब रज़ा खाँ, मो आसिम हुसैन आदि ने भी दरगाह पर ख़ुसूसी दुआएं माँगी।

इस मौके पर मुन्ने भाई,ताज़ीम मियां, डॉ सय्यद शकील मियां, अहमद उल्लाह वारसी, शारिक बशीरी, कलीम मियां, ताज़ीम मियां, मकसूद अहमद खाँ बशीरी, राजू बशीरी, मौलाना मुकीम मियां, अबरार हुसैन,मुन्ने, मो इस्माईल, फ़ाज़िल खान, कैफ़ी मियां, शाहनवाज़ हुसैन, निसार अहमद, अब्दुल अज़ीज़, शाहिद, सलमान, परवेज़, सय्यद राहिल, फ़ैज़ मोहम्मद, फ़राज़ बेग सहित बड़ी तादात में अक़ीदतमंद शामिल रहे हैं।

उर्स कमेटी के अहमद उल्लाह वारसी ने बताया कि उर्स के दूसरे दिन बाद नमाज़े फ़ज़र तिलाबत ए कलाम ए पाक, तक़रीर महफ़िल, रात 9 बजकर 15 मिनट पर हज़रत बशीर मियां रहमतुल्लाह अलेह के विसाली कुल शरीफ़ की रस्म अदायगी होगी।