ऐसे रहेगा आपका मोबाइल और फेसबुक सुरक्षित

फेसबुक ने डाटा चोरी के लिए भले ही माफी मांग ली है। लेकिन अब भी कई तरह की खबरें हैं। फेसबुक की सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित हैं। आपकी इसी चिंता से जुड़ी यह खबर है। आपका फेसबुक कैसे सुरक्षित रह सकता है। मोबाइल में एप्स डाउनलोड करते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। आम तौर पर हम फेसबुक या मोबाइल में किसी भी एप्स का इस्तेमाल करते वक्त उसके द्वारा मांगे गयी अनुमति को गौर से नहीं पढ़ते और ओके का बटन प्रेस करते हुए आगे बढ़ जाते हैं। विशेषज्ञों ने स्मार्टफोन में तीसरे पक्ष यानी बाहरी एप से जुड़े जोखिमों के प्रतिभी आगाह किया है। अक्सर आपने फेसबुक में कई तरह के एप्स देखे हैं, जैसे आपकी मौत कब होगी, आपका स्वभाव कैसा है, कौन आपको सबसे ज्यादा याद करता है, आपके हाथों की रेखा क्या कहती है।

कई लोग ऐसे एप्स का इस्तेमाल करतेहैं। इस तरह के एप्स आपके अकाउंट की सारी जानकारी लेने के बाद एक परिणाम दिखाते हैं। ऐसे में आप इन्हें अनुमति देते हैं कि वह आपके अकाउंट की सारी जानकारी देख सके। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्टफोन पर इस तरह के‘ थर्ड पार्टी एप’ को पहुंच के स्तर के बारे में सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि ऐसे एप से उपयोक्ताओं की संवेदनशील जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच सकती है। इन दिनों यह काफी चर्चा में है और विवाद खड़ा है कि 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के लिए काम कर रही है। फर्म केंब्रिज एनालिटिका ने पांच करोड़ फेसबुक उपयोक्ताओं से जुड़ी जानकारी उनकी सहमति के बिना हासिल की। नेटवर्क इंटेलीजेंस के प्रमुख वैश्विक व्यापार अल्ताफ हाल्दे नेकहा कि उपयोक्ताओं को केवल सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जानकारी की सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं होना चाहिए बल्कि उन्हें अपने स्मार्टफोन पर थर्ड पार्टी एप को दी जाने वाली पहुंच के प्रति भी आगाह रहना। आप अगर अपने मोबाइल पर कोई नया एप्स डाउनलोड करते हैं तो उसे डाउनलोड करने से पहले बहुत सारी अनुमति देते हैं। उनकी पहुंच आपके मित्र सूची तक पहुंच या पाठ्य संदेश मैसेज पढ़ने की अनुमति मांगते हैं उन्होंने कहा, ‘किसी गेम एप को मेरी एड्रेस बुक का क्या करना है आमतौर पर लोग इस पर ध्यान नहीं देते लेकिन इसके काफी प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं।’

केस्परस्की लैब में महाप्रबंधक श्रेणिक भयानी ने कहा, साइबर सुरक्षा के लिहाज से फेसबुक की यह घटना हम सभी के लिए एक सबक है जब तक हम दुष्प्रभावों को नहीं देखते हम किसी खतरे को भांप नहीं पाते अगर फेसबुक जैसी बड़ी कंपनी से डेटा चुराया जा सकता है तो हम कैसे सु​निश्चित करेंगे कि हमारे व्यक्तिगत डेटा का दुरूपयोग साइबर अपराधी नहीं कर रहे हैं विशेषज्ञों का कहना है कि फेसबुक जैसी घटनाएं न तो पहली है और न ही यह आखिरी होगी एक विशेषज्ञ ने कहा, ‘यह पहली बार नहीं हुआ है कि डेटा चुराया गया है और निश्चित रूप से यह आखिरी बार भी नहीं हो रहा है अच्छी बात तो यह है कि सरकार व निजी कंपनियां अपने पास मौजूदा ना​गरिकों के डेटा की रक्षा को महत्ता दे रही हैं’।

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