निदा खान प्रकरण पर रज़ा एक्शन कमेटी का दो टूक जवाब

बरेली। आला हजरत खानदान की पूर्व बहू निदा खान के तलाक के मामले में आंवला से बीजेपी के विधायक और उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के कूद जाने से राजनीतिक हलकों में सियासत तेज़ हो गयी है।
मंत्री के बयान का ऑल इंडिया रज़ा एक्शन कमेटी ने करारा जवाब दिया है। कमेटी के महासचिव नदीम कुरैशी ने निदा प्रकरण पर राजनीति करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कहा पिछले कुछ दिनों से बरेली में निदा प्रकरण में हाई बोल्टेज ड्रामा चल रहा है, जिससे जनता तंग आ चुकी है। कोई शरीअत के नाम पर राजनीति चमकाने में लगा है, तो फतवे के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगा है, तो कोई हलाला को मुद्दा बनाकर अपनी पहचान बनाने में लगा है। जनता बेवकूफ नहीं है जनता को सब पता है कौन गलत और कौन सही है। जो राजनीति में अपने आप को कमज़ोर समझ रहा है वह निदा और फरहत के नाम के सहारे अपनी पहचान बना रहा है। शायद माननीय मंत्री जी को क्षेत्र की जनता भूल चुकी है इसी वजह से मंत्री जी ने निदा के नाम का सहारा लिया है।

कुरैशी ने कहा कि निदा और शिरान रज़ा का मामला कोर्ट में चल रहा है कौन सही कौन गलत है इसका फैसला माननीय न्ययालय पर पर छोड़ देना चाहिए। जो इस मामले में बयानबाजी कर रहे हैं उनका कानून में कोई यकीन नही है।

निदा खान इस्लाम से खारिज

गौरतलब है कि पिछले दिनों दरगाह आला हजरत के दारुल इफ्ता ने निदा खान को इस्लाम से खारिज कर दिया था। शहर इमाम खुर्शीद आलम ने दारुल इफ्ता से फतवा मांगा था। फतवे के अनुसार कि निदा की मदद करने वाले, उससे मिलने जुलने वाले मुसलमानों को भी इस्लाम से खारिज हो जाएंगे। निदा अगर बीमार हो जाती हैं तो उसको दवा नही दे सकेगा। निदा की मौत पर कोई उसके जनाजे की नवाज नहीं पढ़ा सकता इसके साथ ही निदा के मरने पर उसे दफनाने पर भी रोक लगा दी गई थी।

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