बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन तैयार, पलिया में बचाव कार्यों की मॉकड्रिल

पीलीभीत। प्रदेश में सबसे ज़्यादा बाढ़ प्रभावित जिलों में पीलीभीत और लखीमपुर खीरी का नाम शुमार किया जाता है। दोनो ज़िलों में देहवा, गोमती, अप्सरा सहित कई नदियां बहती हैं लेकिन पीलीभीत की पूरनपुर तहसील और लखीमपुर खीरी में शरदा नदी हर साल भीषण तबाही मचाती है। बाढ़ की विभीषिका से हर साल हजारों लोग प्रभावित होते हैं और सैकड़ों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। बाढ़ में होने वाले नुकसान से बचने और किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने निर्देश जारी कर दिए हैं।

बाढ़ से निपटने के लिए प्रदेश के राहत आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में पीलीभीत और लखीमपुर खीरी ज़िलों के प्रशासनिक अधिकारियों और वायु सेना के अधिकारियों की संयुक्त ओरिएंटेशन बैठक और मॉकड्रिल का आयोजन लखीमपुर के पलिया में किया गया। इस बैठक में एयर ड्रॉपिंग, एयर लिफ्टिंग के साथ ही राहत और बचाव कार्यों की रूपरेखा तय की गई। बाढ़ प्रभावित वयक्तियों को सुरक्षित पर पहुंचाना, राहत सामग्री, भोजन पैकेट, पानी के पैकेट और दवा आदि शीघ्र पहुंचाने हेतु वायु सेना द्वारा माॅकड्रिल का प्रदर्शन भी किया गया। उपस्थित अधिकारियों को एयर ड्रापिंग के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया गया कि राहत सामग्री, भोजन पैकेट का वजन 5 किलो ग्राम से अधिक नही होना चाहिए तथा पैकेट पर वस्तु का नाम, वजन आदि का विवरण पूरा किया अंकित होना चाहिए। राहत सामग्री, फूड पैकेट हैलीकप्टर से गिराते समय पैकजिंग के फटने की सम्भावना हो सकती है जिससे नुकसान हो सकता है इसलिए उन्हे बोरी या कपडे के बैग के अन्दर तीन परतों में अच्छी तरह पैक करें तथा पक्के हुये भोजन को अच्छे किस्म के बैग में पैक करना चाहिए। साथ ही लापता व्यक्ति की खोज एवं बचाव हेतु व्यक्तियों का पूरे विवरण के साथ सूची तैयार होनी चाहिए, बचाव कार्य के समय हैलीकप्टर में भी सूची तैयार की जाये। राज्य सरकार का एक प्रतिनिधि नोड़ल अधिकारी के रूप में हैलीपैड पर उपस्थित रहकर बचाव व राहत सामग्री के वितरण अपनी निगरानी में सम्पन्न करायेगें एवं हैलीकप्टर के ईधन पूर्ति हेतु सम्बन्धित कम्पनियों को सूचित किया जाये। आपरेशन के दौरान हैलीपैड पर फायर टेन्डर तथा एम्बुलेस की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। स्थानीय भीड़ के नियन्त्रण हेतु पुलिस की व्यवस्था की जाये तथा क्रू दल हेतु समुचितव्यवस्थाऐं उपलब्ध होनी चाहिए जिससे बाढ़ के दौरान राहत कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न किये जा सकें।
इस मॉकड्रिल में पीलीभीत के जिलाधिकारी डा. अखिलेश कुमार मिश्रा सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के जिलाधिकारी व लखीमपुर, सीतापुर, शाहजंहापुर, बहराइच, कांसगंज, बदायूं के अपर जिलाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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