जीत के अलावा किसी के बारे में नहीं सोचता : विराट

भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा है कि उनकी टीम इस समय ऐसी स्थिति में है जहां वो मैच के अलावा किसी और चीज के बारे में सोचने का जोखिम नहीं उठा सकती। उनका कहना है कि टीम के पास शनिवार से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाले तीसरे मैच में जीत के अलावा कोई और विकल्प बचा नहीं है, इसलिए वो कहीं और ध्यान नहीं भटकाना चाहते। भारतीय टीम इस समय इंग्लैंड के दौरे पर है जहां वो पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में हिस्सा ले रही है। भारत को पहले दो मैचों में शिकस्त का सामना करना पड़ा है और इस लिहाज से ट्रेंट ब्रिज में शुरू होने वाला तीसरा मैच उसके सीरीज में बने रहने का आखिरी मौका है।

तीसरे मैच की पूर्व संध्या पर संवददाता सम्मेलन में कोहली ने कहा, हमने सिर्फ इस बात पर ध्यान दिया है कि इस मैच में टीम को किस चीज पर अपना ध्यान लगाना चाहिए। जब आप विषम परिस्थति में होते हैं तो आप किसी और चीज के बारे में नहीं सोच सकते। अगर आप दूसरी तरह से देखें तो आपके लिए यह अच्छी बात है कि आपके पास सोचने के लिए कुछ और है ही नहीं। कोहली ने कहा, हमने जो बात की है, उसमें टीम से यही कहा है कि हमारे पास इस मैच को जीतने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। आप इस मैच के लिए किस तरह से सोचते हैं, इस पर काफी कुछ इस पर निर्भर करता है। इसके अलावा हर खिलाड़ी पर निर्भर करता है कि वह किस तरह से चीजों को सोचता है और अपनी जिम्मेदारी को कैसे संभालता है। पहले दो टेस्ट मैचों में चोट के कारण बाहर रहने वाले तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पूरी तरह से फिट हो गए हैं और चयन के लिए उपलब्ध हैं। कोहली का कहना है कि वह बुमराह के आने से काफी उत्साहित हैं। कोहली ने हालांकि यह नहीं बताया कि बुमराह अंतिम-11 में होंगे या नहीं। उन्होंने कहा, बुमराह के फिट होने से खुश हूं। वह आक्रामक तेज गेंदबाज हैं जिनके प्रदर्शन में निरंतरता है।

उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में अपने आप को साबित किया था। वह बल्लेबाज को असहज महसूस कराते हैं, यह उनकी सबसे बड़ी खासियत है। जब भी उन्हें मौका मिलता है वह उसका पूरा फायदा उठाते हैं। उनके रहने से टीम को फायदा हुआ है। दूसरे टेस्ट में कोहली को पीठ में दर्द की समस्या हो गई थी जिसके कारण वह चौथे दिन फील्डिंग करने नहीं उतरे थे और बल्लेबाजी करने में भी उन्हें दिक्कत आई थी। कोहली ने अपने पीठ दर्द के बारे में कहा, मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। यह ऐसा दर्द है जो बार-बार आता रहता है। सबसे पहले यह 2011 में हुआ था। जब काम का बोझ होता है तो यह होता है। यह दर्द नई बात नहीं है, इसलिए मुझे पता है कि इसे कैसे संभालना है। कोहली ने साथ ही कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो अंतिम एकादश में अतिरिक्त बल्लेबाज को मौका मिल सकता है हालांकि उन्होंने कहा है कि इसका फैसला विकेट पर निर्भर करता है। कोहली ने कहा, यह विकेट पर निर्भर करता है।

अगर विकेट ऐसी होगी जो गेंदबाजों को मदद करेगी तो एक अतिरिक्त बल्लेबाज आ सकता है, लेकिन अगर विकेट बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों के मुताबिक होगी तो मुझे नहीं लगता कि अतिरिक्त बल्लेबाज की जरूरत है। तब हमारी प्नथामिकता 20 विकेट लेने की होगी और बल्लेबाजों को अपनी जिम्मेदारी लेनी होगी। यह किसी एक विभाग के जिम्मेदारी लेने की बात नहीं है बल्कि हर विभाग को अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

Related posts