राखियों से गुलज़ार हुआ बाज़ार

मुनीब हुसैन

बरेली। भाई और बहन के अटूट प्रेम के त्योहार रक्षाबंधन पर बाजारों में रौनक भी लौट आती है और हो भी क्यों ना यह रिशता ही ऐसा है जिसके आगे सारे रिश्ते फीके से लगते हैं। भाई चाहे सात समंदर पार ही क्यों न हो, लेकिन इस दिन अपनी बहन की राखी उसे खींच ही लाती है।

महिलाएं राखी खरीदने में काफी दिलचस्पी दिखा रही हैं। बाजारों में बहुत ही आकर्षित राखियां आयी हैं। शहर के तमाम छोटे-बड़े बाजार खूबसूरत राखियों से सजे दिख रहे हैं। हर राखी की अपनी एक अलग खूबसूरती है मोतियों, रूबी और रंग-बिरंगे पत्थरों को रेशमी धागे में पिरोकर बनाई गई राखियों की चमक से बाजार गुलज़ार हैं तो बाजार में सस्ती राखियां भी हैं दिखाई दे रही हैं। इस बार रक्षाबंधन में स्वच्छ भारत मिशन की झलक भी दिखाई दे रही है। रक्षाबंधन के त्यौहार पर बाजारों में आई मोदी व स्वच्छ भारत मिशन की राखियां को लेकर काफी क्रेज बना हुआ है। मोदी राखी बहनों की पहली पसंद बनी हुई है वह अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए मोदी राखी व स्वच्छ भारत मिशन की राखियां खरीद रही हैं। वही बाजारों में रंगीन कलावे, रेशमी धागे व सोने या चांदी जैसी महंगी राखियां भी उपलब्ध हैं। छोटे बच्चों को कार्टून बहुत पसंद होते है और उनके लिए बाजारों में बेन टेन, छोटा भीम, डोरेमोन, बेबी डॉल, लाईट वाली राखी, टेलीफोन और टच घडिय़ों के रूप में राखियां उपलब्ध है, जिन्हें बच्चे बड़े ही चाव से खरीद रहे हैं।

बड़ों के लिए ब्रेसलेट, जरकन, रूद्राक्ष, चांदी की राखियां मौजूद हैं। बाजार में इस समय ग्राहकों की भीड़ के चलते पैर रखने तक की जगह नहीं है। भाई-बहनों का यह त्यौहार मुख्यत हिन्दुओं में प्रचलित है। पर इसे भारत के सभी धर्मों के लोग समान उत्साह और भाव से मनाते हैं। पूरे भारत में इस दिन का माहौल देखने लायक होता है। इस बार रक्षा बंधन को लेकर बहनों में काफी उत्साह नजर आ रहा है। हर बहन और भाई को इस त्योहार का बेसब्री से इंतजार कर रही है।

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