शंखनाद पत्रिका के विमोचन के साथ श्री कृष्ण लीला का समापन

  • प्रदीप कुमार शर्मा

बरेली। सुभाष नगर के हरे राम ग्वाल-बाल भगवती सेवा समिति द्वारा अपना 38 वां वार्षिकोत्सव श्री कृष्ण लीला समारोह के रूप में मनाया गया। आज 10 सितम्बर को श्री कृष्ण लीला के अंतिम दिवस अनियतकालिक धार्मिक पत्रिका ‘शंखनाद’ के विमोचन एवं पुरस्कार वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ। कार्यक्रम के अंतिम दिन संस्था द्वारा समस्त बाल कलाकारों एवं सहयोगियों को पुरस्कृत किया गया

इस अवसर पर मुख्य अतिथि साहित्य भूषण डॉ. महाश्वेता चतुर्वेदी को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही आदर्श महाविद्यालय नवाबगंज के प्राचार्य डॉ आनंद पाठक एवं वरिष्ठ समाज सेविका श्रीमती ब्रजरानी सक्सेना को भी शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण की प्रक्रिया प्रयाग सिविल एकेडमी के डायरेक्टर विपिन श्रीवास्तव, डी.एन. मिश्रा एवं ऋतिक सर द्वारा संपन्न की गई। पत्रिका का विमोचन हिंदी संस्कृत और अंग्रेजी में समान रुप से साहित्य सृजन करने वालीं वरिष्ठ साहित्यकार साहित्य भूषण डॉ. महाश्वेता चतुर्वेदी जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ‘संस्था द्वारा वर्तमान समय में कृष्ण लीला समारोह के माध्यम से जो जन जागरण का अभियान चलाया जा रहा है वह निश्चय ही प्रशंसनीय है। नन्हें-नन्हें बाल कलाकारों की कलाकारी देखकर डॉ महाश्वेता चतुर्वेदी ने कहा कि वह निश्चित ही भारत की भावी पीढ़ी हैं जो आने वाले समय में अपने समाज का सुंदर नेतृत्व करेंगे।’

विशिष्ट अतिथि डॉ आनंद पाठक ने कहा कि ‘कन्हैया को भी परिस्थितिवश मुरली छोड़कर सुदर्शन धारण करना पड़ा। उन्होंने अधर्म के खिलाफ धर्म का शंखनाद किया। वह निरंतर अकर्मण्य होते जा रहे अर्जुन को प्रेरणा देकर उसे अपने कर्तव्यपथ की ओर मोड़ते हैं, यही उनके जीवन का मौलिक सार है। जिस प्रकार श्री कृष्ण ने गोपाल स्वरूप धारण कर गांव में गायों की सेवा की और वहां से होते हुए वे द्वारिकाधीश तक बन गए। इसी तरह यदि व्यक्ति निरंतर कर्मशील बना रहे तो वह अपने समस्त लक्ष्यों को सहज ही प्राप्त कर सकता है।’ सिविल एकेडमी के डायरेक्टर विपिन श्रीवास्तव ने बच्चों को पुरस्कृत करते हुए कहा कि ‘सिविल एकेडमी इन ग्वाल बालों के लिए अपने शिक्षण संस्थान के द्वार सदैव खुले रखेगी, जो बालक भी यहां पर धर्म की सेवा कर रहे हैं वो यदि उनके प्रतिष्ठान में एडमिशन लेना चाहेंगे तो उनको संस्था द्वारा संस्तुति किए जाने पर विशेष छूट प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त यदि कोई ऐसा बाल कलाकार जो कि आर्थिक रूप से पूर्णता विपन्न होगा उसका सारा शिक्षण का भार प्रयाग सिविल एकेडमी द्वारा उठाया जाएगा। डायरेक्टर डी.एन. मिश्रा जी ने बच्चों की सुंदर भूमिकाएं व उनके द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति को देखकर संस्था को साधुवाद प्रदान किया।

इस अवसर पर संस्था के मूर्धन्य कलाकारों में डॉ यशवर्धन शर्मा, वरुण शर्मा, हरिओम पांडे, कमल किशोर कश्यप, अभिमन्यु शर्मा, आयुष शर्मा, कुमारी भावना, डॉ जितेंद्र कुमार शर्मा, तेजपाल दिवाकर, काजल, कोमल, पंकज सक्सेना, पवन देव झा, अजय सक्सेना, सुधीर कश्यप, यश ठाकुर, आयुष शर्मा, राजेंद्र कुमार, शंकर लाल कश्यप, आरती कश्यप, मेवा राम, ऋषि सक्सेना, सत्य पाल कश्यप, पप्पू जौहरी टेलर, कामिनी, नंदिनी, अनीशा, निशा और मनीषा को सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. एच. पी. श्रीवास्तव, आलोक तायल, अनिल सक्सेना, संजीव सक्सेना, नरेंद्र कोहली, ओमी गेरा, प्रमोद कुमार, नीलम श्रीवास्तव, मेहा श्रीवास्तव, मुकेश कुमार शर्मा, भारती शर्मा, शकुंतला सक्सेना, प. प्रदीप चौबे, प. अतुल शर्मा, प्रदीप शर्मा, प्रदीप अग्रवाल, मुरली मनोहर अग्रवाल, मयूर अग्रवाल आदि विशेष रुप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विपिन सक्सेना ने किया।

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