मनुष्य जीवन का लक्ष्य केवल ज्ञान नहीं, संस्कार भी चाहिए : राजनाथ सिंह

कानपुर। “दीक्षा यानि संस्कार गुरु से ही प्राप्त होता है। यह हर छात्र को समझना चाहिए। मनुष्य के जीवन का लक्ष्य केवल ज्ञान नहीं हो सकता, ज्ञान के अतिरिक्त हमें संस्कार भी चाहिए। मन के अच्छे भाव चाहिए। जीवन के जो क्षेष्ठ मूल्य होते हैं उन मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता चाहिए। केवल ज्ञान के माध्यम से मनुष्य समाज के लिए कल्याणकारी कभी नहीं बन सकता।” छत्रपति शाहूजी महाराज विश्व विद्यालय, कानपुर, के 33वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने यह विचार व्यक्त किये।

गृह मंत्री ने कहा कि टेक्नोलाजी के युग में इंटरनेट से भी शिक्षा प्राप्त की जा सकती है, लेकिन संस्कार इंटरनेट नहीं दे सकता। संस्कार यदि कोई दे सकता है तो केवल आपका गुरु ही दे सकता है। मनुष्य के जीवन का लक्ष्य केवल ज्ञान नहीं हो सकता। ज्ञान के अतिरिक्त हमें संस्कार भी चाहिए। मन के अच्छे भाव चाहिए। जीवन के जो क्ष्रेष्ठ मूल्य होते हैं, उन मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता होनी चाहिए।

गृह मंत्री के संबोधन के पहले छात्र व छात्राओं को मेडल व डिग्री से अलंकृत किया किया। दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति व प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि यह एक रिकॉर्ड है कि 84 दिनों में यूपी के सारे दीक्षांत समारोह पूरे कर लिए गए। प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने अपने संबोधन में छात्रों को बधाई दी और कहा कि प्रदेश में परीक्षा कराने वाले केंद्र को अपने यहां सीसीटीवी कैमरे जरूर लगवाने होंगे। इस अवसर पर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्व विद्यालय, कानपुर द्वारा राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के निदेशक प्रो० एस॰सी॰ शर्मा को मानद उपाधि से अलंकृत किया गया।

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