चित्रांश महासभा ने मनाई शास्त्री जयंती, किया पौधरोपण

  • विनय सक्सेना

पीलीभीत। अखिल भारतीय चित्रांश महासभा द्वारा भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। सदस्यों ने शास्त्री जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके जीवन और आदर्शों के संत विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर पौधारोपण भी किया गया।

जामा मस्जिद के निकट शेमरॉक किरन स्कूल में अखिल भारतीय चित्रांश महासभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यर्पण से हुआ। इस अवसर पर संस्था के महामंत्री सौरभ सक्सेना ने कहा, कि हम सभी को पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री जी के आदर्शों को अपनाना चाहिए। उन्होंने भारत के किसान की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए विदेश से चावल के आयात को रोका। पाकिस्तान से युद्ध के दौरान स्वयं व्रत रखा और लोगों से सप्ताह में एक दिन व्रत रखने को कहा, जिससे देश में अनाज की कमी ना होने पाए और सेना को भरपूर रसद भेजी जा सके। अधिवक्ता प्रवेश स्वरूप खरे ने कहा कि शास्त्री जी भारत के एकमात्र बेदाग प्रधानमंत्री थे। वे जन-जन के हृदय में बसते थे। डॉ भरत कंचन ने उनके मधुर स्वभाव और ईमानदारी के अलावा जीवन की कई घटनाओं का वर्णन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ अमित कुमार सक्सेना ने किया। वरिष्ठ अधिवक्ता विनय कुमार सक्सेना पुत्तन ने सभी का आभार व्यक्त किया। विचार गोष्ठी के बाद चित्रांश महासभा के सदस्यों ने शेमरॉक किरन स्कूल प्रांगण में पौधारोपण भी किया।

कार्यक्रम में हर्ष कंचन, राजीव सक्सेना, राहुल सक्सेना, शांतनु कंचन, सौरभ सक्सेना, मुकेश सक्सेना, आशीष सक्सेना, साकेत सक्सेना, सचिन सक्सेना एडवोकेट, अमित कुमार सक्सेना, वीरेंद्र कुमार सक्सेना सहित बड़ी संख्या में कायस्थ समाज के लोग मौजूद रहे।

पौधरोपण करते चित्रांश महासभा के पदाधिकारी एवं सदस्य

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