बरेली में रेड : आयकर विभाग ने पकड़ी दो सौ करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी

बरेली। हाल में ही एक फिल्म आयी थी ‘रेड’। उस फ़िल्म मे एक इंकम टैक्स अधिकारी ने कैसे एक चर्चित और बड़ी हस्ती के यहां रेड डालकर अपनी पावर दिखाई थी ठीक उसी तरह बरेली के बड़े तेल कारोबारी घनश्याम खंडेलवाल व उनके भाई दिलीप खंडेलवाल की कंपनियों बीएल एग्रो लिमिटेड और खंडेलवाल एडबल आयल लिमिटेड के ठिकानों पर आयकर विभाग की रेड आज भी जारी रही। सूत्रों की मानें तो दोनों भाइयों के ठिकानों से दो सौ करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी पकड़े जाने की संभावना आयकर अफसरों ने व्यक्त की है। बरेली और नोएडा के ठिकानों पर आयकर विभाग की गुरूवार सुबह शुरू हुई छापोमारी शुक्रवार को पूरी हुई। टीम ने आफिस के रिकार्ड के साथ ही बैंक खाते, लाकर, कंप्यूटर भी टीमों ने चैक किए।


फ़र्ज़ी कंपनी बनाकर 130 करोड़ की हेराफेरी

  • ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला मित्र के नाम मिलीं कई बेनामी सम्पत्ति

  • दिलीप खंडेलवाल ने हार्ट अटैक का बहाना बनाकर खूब छकाया

  • दीवार में छुपी तिजोरी से निकले करोड़ों के हीरे, जवाहरात

इनकम टैक्स के डायरेक्टर (विजिलेंस) अमरेंद्र कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया की घनश्याम खंडेलवाल बैल कोल्हू ग्रुप व दिलीप खंडेलवाल ने कोलकाता बेस फर्जी कंपनी बनाकर 130 करोड़ रुपए का कैश जमाकर गोलमाल किया इसके साथ ब्यूटी पार्लर चलाने वाली एक महिला मित्र के यहां भी इनकम टैक्स ने आज छापेमारी की जिसमें महिला मित्र के नाम कई बेनामी फ्लैट व जमीन मिली। आज सुबह से ही दिलीप खंडेलवाल ने हार्ट अटैक का बहाना करके इनकम टैक्स के अधिकारियों को खूब छकाया, उसके बाद अधिकारियों ने दिलीप खंडेलवाल को अस्पताल में एडमिट कराया जिसमें सारी जांचें नॉरमल निकली, इसके बाद अधिकारियों ने दिलीप खंडेलवाल के वेयरहाउस में छापा मारा जहां पर एक दीवार में छुपी हुई तिजोरी बरामद हुई जिसमें करोड़ों रुपए के हीरे, जवाहरात बरामद हुए। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कहना है कि

अभी तक लगभग 200 करोड़ से अधिक की हेराफेरी का पता लगाया जा चुका है,और इस रेड में हम लोगो बहुत ही अहम सुराग मिले हैं इसके बारे में कल हम आप लोगों को बताएंगे।


प्रधान आयकर निदेशक जांच अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में मुरादाबाद, हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली की 150 से अधिक टीमों ने शुक्रवार सुबह तेल कारोबारी भाइयों घनश्याम खंडेलवाल और दिलीप खंडेलवाल के ठिकानों आफिस, गोदाम, रिफाइनरी और आवासों के साथ ही उनके नजदीकियों और सीए के आवास और आफिस पर एक साथ छापेमारी की। वही सूत्रों की मानें तो लंबे समय से आयकर अफसर इस रेड की तैयारी कर रहे थे। माना जा रहा है कि किसी नजदीकी ने ही सारी सूचनाएं आयकर अफसरों को दीं। इसके बाद ही यह दोनों भाई आयकर विभाग के रडार पर आए थे। दोनों भाइयों की कंपनियों का टैक्स कम होने पर भी यह आयकर विभाग के निशाने पर थे।

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