चौथे इमाम की शहादत पर रोए अकीदतमंद, उठा कदीमी जुलुस-ए-अलम

बरेली/सेंथल। चौथे इमाम हज़रत इमाम अली इब्नुल हुसैन की शहादत की याद में मजलिस-ए-अज़ा का आयोजन किया गया इसके साथ ही शबीहे ताबूत की ज़ियारत कराई गई। मजलिस में विख्यात उलेमाओं ने भाग लिया और अंजुमन हाए मातमी ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की।

चौथे इमाम की शहादत पर नगर में दो दिवसीय अज़ादारी के सिलसिले में अंजुमन सज्जादिया के नेतृत्व में जुलुस-ए-अलम उठा जिसमे विख्यात अंजुमनों और उलेमाओं ने भाग लिया। अकीदतमंदों को शबीहे ताबूत की ज़ियारत कराई गई। इस सिलसिले की पहली मजलिस शुक्रवार को आयोजित की गई जिसको मौलाना आज़िम हुसैन ज़ैदी ने खिताब किया था। मजलिस के बाद हज़रत इमाम अली इब्नुल हुसैन के शबीहे ताबूत की ज़ियारत कराई गई। दूसरे दिन आज शनिवार सुबह इमामबाड़ा खुर्द से मजलिस के बाद कदीमी जुलुस-ए-अलम उठा। मजलिस को मौलाना शाहिद रज़ा रिज़वी इलाहाबादी ने खिताब किया और इमाम सज्जाद की ज़िंदगी पर रौशनी डालते हुए उनके मसाएब बयान किए जिसे सुनकर हर आंख नम हो गई। जुलूस-ए-अलम में स्थानीय अंजुमनों के अलावा अंजुमन शमीमे ईमान सिरसी, अंजुमन फौजे हुसैनी मेरठ, अंजुमन सज्जादिया कोपागंज मऊ, अंजुमन निशाने हैदरी सतुइयाँ कलां, अंजुमन गुलदस्ते हैदरी बरेली आदि ने नौहेखानी व सीनाजनी की। जुलुस का संचालन मोहिब ज़ैदी ने किया। वहीं मोहल्ला हाकिम टोला के ग़दीरी चौक पर तकरीर हुई जिसको आज़िम ज़ैदी ने ख़िताब कर हज़रत इमाम हुसैन के 6 माह के बेटे हज़रत अली असग़र की शहादत बयान की। तकरीर के बाद हज़रत अली असगर के शबीहे ताबूत की ज़ियारत कराई गई। जुलूस देर रात इमामबाड़ा खुर्द पर आकर समाप्त हो गया। जुलुस की कयादत डा.अकील ज़ैदी, मोहिब ज़ैदी, असद ज़ैदी, लख्ते हैदर, मुहामिद ज़ैदी, राशिद हुसैन, फैज़ुल ज़ैदी, मोहम्मद अब्बास, वासिफ ज़ैदी, आदि ने की।

फोटो- अली असग़र के शबीहे ताबूत की ज़ियारत करते अकीदतमंद

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