3 नवम्बर से होगा 100वां उर्स-ए-रज़वी

  • मुनीब हुसैन

बरेली। 100वां उर्स-ए-रज़वी 3, 4 व 5 नवम्बर को मनाया जाएगा। मंगलवार को उर्स का पोस्टर जारी करते हुए दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां ) ने तीन रोज़ा उर्स-ए-रज़वी की तफसील से जानकारी देते हुए बताया कि उर्स का आगाज़ इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैदान में परचम कुशाई की रस्म के साथ होगा। इस मौके पर देश विदेश से आये उलेमा व लाखों जायरीन मौजूद रहेगें। उर्स की परचम कुशाई की रस्म हज़रत सुब्हानी मियां खुद अदा करेंगे।

उधर दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स की सारी तैयारियां पूर्ण कर ली गयी है उर्स दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन रज़ा खान क़ादरी की सदारत में अदा होगी। वही सभी जगह इश्तेहार के अलावा सोशल मीडिया के जरिये इत्तेला भिजवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उर्स के पहले दिन यानी 3 नवम्बर को बाद नमाज़-ए-ज़ोहर (2 बजे) आज़म नगर अल्लाह बख्श के निवास व ठिरिया निजावत खान से परचमी जुलूस सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां की कयादत में निकलेगा जो अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ दरगाह पहुंचेगा । यहाँ से ये जुलूस बाद नमाज़-ए-असर (शाम 5 बजे) दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां की कयादत में इसलामिया कॉलेज मैदान पहुँचेगा। यहाँ सुब्हानी मियां के हाथों परचम कुशाई की रस्म के साथ उर्स-ए-रज़वी का आगाज़ हो जायेगा। रात 9 बजे अंतरराष्ट्रीय तरही मुशायरा शुरू होगा। रात 10 बजकर 35 मिनट पर हुज्जातुल इस्लाम के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। 4 नवम्बर को सुबह 9:58 बजे रेहाने मिल्लत के 34वें कुल शरीफ के बाद तहफ़्फ़ुज़ मज़हब और मसलक कॉन्फ्रेंस होगी। रात को बाद नमाज़-ए-ईशा (9 बजे) दुनिया भर के उलेमा की तक़रीर होगी। मुल्क़ की मशहूर खानकाहों से आये सज्जादगान व उलेमा मुसलमानों के दीनी व मिल्ली मसायल पर चर्चा करेगें। देर रात 1:40 बजे पर मुफ़्ती-ए-आज़म हिन्द के 38वें कुल शरीफ की रस्म अदा होगी। 5 नवम्बर कुरानख्वानी के बाद से तक़रीर का सिलसिला शुरू होगा जो दोपहर 2:38 बजे तक जारी रहेगा। ठीक 2:38 पर आला हज़रत के 100वें कुल शरीफ के साथ तीन रोज़ा उर्स का समापन हो जाएगा।

100वें उर्स-ए-रज़वी के पोस्टर रिलीज़ कार्यक्रम में सय्यद आसिफ मियां, टीटीएस के महासचिव मुफ़्ती सलीम नूरी व दरगाह प्रमुख के सचिव आबिद खान, हाजी जावेद खान, टीटीएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शाहिद खान नूरी, औरंगज़ेब नूरी, अजमल नूरी, शान रज़ा,परवेज़ खान आदि मौजूद रहे।

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