कब्र खोदकर निकाला गया अधिवक्ता का शव, हत्या की रिपोर्ट दर्ज

  • शार्जिल ज़ैदी

बरेली/सेंथल। अधिवक़्ता सफी हुसैन की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है, आत्महत्या को उकसाने की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब उनका शव तहसीलदार और लेखपाल की मौजदूगी में कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया।

सेंथल के मोहल्ला चौधरी निवासी महमूद जैगम के पुत्र अधिवक़्ता सफी हुसैन ने 28 सितंबर को पत्नी की बेवफाई से तंग आकर मौत को गले लगा लिया था। वही परिजनों ने उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया। इसके बाद परिवार वालों ने उन्हें सुपुर्दे खाक कर दिया था। बीती सात अक्टूबर को मृतक की फातिहा के बाद घर की साफ़ सफाई करने पर सफी हुसैन के पिता को बेटे के हाथ से लिखे सुसाइड नोट, पैन ड्राइव और मैमोरी कार्ड मिला था। इसमें सफी ने आत्महत्या करने की बात कही थी जिसका ज़िम्मेदार पत्नी सहर फात्मा, ससुर मोहम्मद सलीम, सास बबली, और सोनू रिज़वी पुत्र ज़ामिन हुसैन निवासी थाना किला बरेली आदि लोगों को बताया। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने पर जांच शुरू कर दी। वही इसी कड़ी में गुरुवार को आगे की कार्यवाही करते हुए तहसीलदार नवाबगंज आशुतोष गुप्ता, लेखपाल, एसओ हाफिजगंज और सेंथल पुलिस की मौजूदगी में अधिवक़्ता सफी हुसैन का शव कब्र खोदकर निकलवाया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। खबर लिखे जाने तक पोस्टमार्टम के बाद शब को दोबारा दफनाया जा रहा था।

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