न्यूजीलैंड की संसद में कुरान की तिलावत

 

न्युज़ीलैंड की आबादी में मुसलमान 1% है , पिछले जुमे को वहाँ की मस्जिदों में फायरिंग करके 50 नमाज़ियों को शहीद कर दिया , उसके बाद न्युज़ीलैंड की प्रधानमंत्री समेत पूरा देश अपने व्यवहार से पूरी दुनिया का दिल जीत रहा है।

अब बारी न्युज़ीलैंड की संसद की है जिसकी शुरुआत “कुरान” की 5 आयतों को पढ़ कर की गयी।

ईमाम निज़ामुद्दीन थानवी ने क़ुरआन की पहली सूरह,अल बक़रा की पाँच आयतें पढ़ी जिसमें क़ुरआन मुसलमानों से संबोधित होकर कह रहा है

“ऐ ईमाम वालो सब्र और नमाज़ के जरिये अल्लाह से मदद चाहो,यकीनन(वास्तव) अल्लाह सब्र करने वालो के साथ है

दूसरी क़ुरआन की आयत पढ़ी जिसमें क़ुरआन आदेश देता है कि

“जो लोग अल्लाह के रास्ते मे मर जाएं उन्हें मुर्दा ना कहो,बल्कि वो ज़िंदा हैं,लेकिन तुम इसको महसूस नही कर सकते हो,

इसके बाद सूरह बक़रा की इससे आगे की वो आयत तिलावत करी जिसमें अल्लाह अपने मोमिन बन्दों को कह रहे हैं कि

”हम तुम लोगों को ड़र,भूख,माल,जान,फलों के नुकसान से तुम्हारी परीक्षा लेंगे,आप(हज़रत मोहम्मद साहब) सब्र करने वालो को खुशखबरी सुना दीजिए।

अगली आयत पढ़ी जिसमें अल्लाह अपने बन्दों के बारे में कह रहे हैं

”उनका हाल ऐसा है कि जब उन पर कोई मुसीबत आती है तो कहते हैं,हम अल्लाह ही के लिये हैं और हमें अल्लाह ही की तरफ वापस होना है।

अगली आयत पढ़ी जिसमें अल्लाह वादा कर रहा है कि

“ये ही वो लोग हैं जिन पर उनके रब की तरफ से नवाज़िशें और रहमतें होंगी,और ये ही लोग हिदायत पाने वाले होंगे”

गज़ब का देश है न्युज़ीलैंड और वहाँ के लोग।

साभार: ज़ाहिदनामा से।

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