जनसेवा टीम ने शुरू की ‘गौरैया अपने आँगन में वापस लाओ’ मुहिम

  • मुनीब हुसैन

बरेली। बुधवार, 20 मार्च को गौरैया दिवस पर जनसेवा टीम ने गौरैया अपने आँगन में वापस लाओ मुहिम शुरू की।

गौरैया दिवस पर नोमहला में परिंदो के लिये दाना पानी के लिये मिट्ठी के बर्तन रखे गए और इस मुहिम के जरिये अपने घर और इबादतगाहों की छतों पर भी परिदों के दाने पानी का इंतेज़ाम करने और मिट्टी के बर्तन रखने के लिये अपील की गयी। जनसेवा टीम के अध्यक्ष पम्मी खान वारसी ने कहा कि वो सुबह अब नही होती जब गौरैया के चहकने से सुबह उठते थे। उन्होंने कहा आज भी याद है कि गोरैया की टोलियां हमारे घरों पर जमा होती थीं। हमारी लापरवाहियों की वजह से गौरैया हमसे दूर हो गई। सरकार गौरैया को वापस लाने के प्रयास करे। रेडिशन सबसे बड़ी वजह है जो गौरैया की रौनक शहरों से चली गई है। मोबाइल टॉवर से निकलने वाले रेडीशन से और ट्रैफिक के शोर से गौरैया शहरों से पलायन कर चुकी है।

सूफ़ी वसीम मियां साबरी ने भी शहर वासियों से अपील की कि आने वाली गर्मी को ध्यान में रखते हुए परिंदो की हिफ़ाज़त के लिये अपनी छतों पर दाना पानी का इंतज़ाम करें। जनसेवा टीम ने गौरैया अपने आँगन में वापस लाओ मुहिम को व्हाट्सएप्प, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि सोशल साइड पर भी शुरू किया है।

इस अवसर पर दर्जनों लोगों ने मांग की सरकार इस ओर ध्यान दे और आमजन से अपील की कि गौरैया के दाना पानी के लिये अपनी छतों पर मिट्टी का बर्तन रखकर गौरैया के खाने पीने का इंतेज़ाम ज़रूर करें। इस मौके पर शाने अली, कमाल मियां साबरी, मोहसिन इरशाद, हनीफ़ खान, दिलशाद कल्लन, वकील अहमद, सलीम, हाजी फैजान रज़ा खां क़ादरी, अतीक साबरी, रिज़वान साबरी, नन्ना मियां, हाजी यासीन कुरैशी, शमशाद, डॉ.सीताराम राजपूत, हाजी उवैस खान, निहाल खान, मोहसिन इरशाद आदि उपस्थित रहे।

Related posts