बेरोजगारों का दर्द समझे सरकार

अपूर्व वाजपेयी उत्तर प्रदेश में हर भर्ती पिछले डेढ़ साल में जिस तरह से पेपर लीक या कोर्ट के चक्कर में लंबित पड़ी है, उससे साफ़ है कि सरकार में बैठे अधिकारी इन भर्तियो को लेकर संवेदनशील नही है. देश का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण उत्तर प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या भी सबसे ज्यादा है. हर साल लाखो की संख्या में इंटर, ग्रेजुएशन पास करने वाले छात्र जब किसी सरकारी नौकरी की लिखित परीक्षा देकर वापस अपने घर तक नही पहुँच पाते तब तक परीक्षा सम्बन्धी वेबसाइट पर…

डरी-डरी किसी कोने से झांकती हिन्दी

प्रदीप कुमार शर्मा हिन्दी को पूर्ण भावात्मक लिपि यानी भाव से परिपूर्ण कहा गया है, दुनिया मे और कोई दूसरी भाषा ऐसी नही जोकि आपकी भावनाओं को दर्शा सके। अंग्रेजी भाषा के बढ़ते चलन और हिन्दी की अनदेखी को रोकने के लिए 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एकमत होकर यह निर्णय लिया की हिन्दी ही भारत की राष्ट्र भाषा होगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिंदी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर 1953 से संपूर्ण…

अवध के आखिरी नवाब : वाजिद अली शाह

अवध के आखरी नवाब वाजिद अली शाह जितना अपने कमज़ोर शासन के लिए जाने जाते हैं उतना ही नर्तक, कवि और कला पारखी होने के लिए भी | जहाँ उन्होंने कई राग रचे वहीँ कई दर्द भरी ग़ज़लें भी लिखीं |  लखनऊ के नवाब अमजद अली शाह के घर 30 जुलाई 1822 को जन्मे वाजिद अली शाह का पूरा नाम अब्दुल मंसूर मिर्ज़ा मोहम्मद वाजिद अली था | ये अवध के दसवें और आखरी नवाब थे | वाजिद अली शाह सन 1847 में अवध के सिंघासन पर बैठे | इनके…

जन्म दिन विशेष : कथा सम्राट मुंशी प्रेम चंद

कथा सम्राट प्रेमचंद का जन्म काशी (वाराणसी) के निकट लमही नामक ग्राम में 31 जुलाई 1880ई० को हुआ था. आपके बचपन का नाम धनपत राय था. आपके पिता का नाम अजायब राय था, वह डाकखाने में मुंशी के तौर पर काम करते थे. परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी किसी प्रकार से जीवन यापन चलता था. जब इनकी उम्र केवल आठ साल की थी तो इनकी माँ गुज़र गईं इसके बाद से ये अपने जीवन के अन्त तक लगातार विषम परिस्थितियों का सामना करते रहे. मां के गुज़र…

रमज़ान मुबारक़ और हमारी कार्यशैली

–अनवार अहमद नूर-(अनुवाद) -मौहम्मद यासीन कासमी जहाज़ी- इस्लामी जगत के मशहूर जानकार हज़रत मौलाना कारी मोहम्मद तय्यब साहब ने एक जगह लिखा है कि इंसानी तहज़ीब व तरबियत के लिए दो चीज़े ज़रुरी हैं 1-तखलिया (आंतरिक मनो इच्छा) यानि नफ्स से बुरी बातों को छुड़ाना 2–तहलिया यानि नफ्स में अच्छी बातें पैदा करना रमज़ान में दिन के रोज़े के ज़रिये संयुक्त रूप में नफ्स को मांझा जाता है और रात को इस साफ़ सुथरे जर्फ़ – कल्ब पर तिलावत व तरावीह (नमाज़ और इबादात) से कलई (रंग चढ़ाना) की जाती…

Why you should choose Microsoft over Linux

And when we woke up, we had these bodies. They’re like, except I’m having them! Oh, I think we should just stay friends. You’ll have all the Slurm you can drink when you’re partying with Slurms McKenzie Hey, tell me something. You’ve got all this money. How come you always dress like you’re doing your laundry? Yes, if you make it look like an electrical fire. When you do things right, people won’t be sure you’ve done anything at all. I just want to talk. It has nothing to do…

पिछड़ों के मसीहा ‘आसिम बिहारी’ : 15 अप्रैल जन्मदिन विशेष

जन्म: 15 अप्रैल 1890 मृत्यु: 6 दिसम्बर 1953 मौलाना अली हुसैन “आसिम बिहारी” का जन्म 15 अप्रैल 1890 को मोहल्ला खास गंज, बिहार शरीफ, जिला नालंदा, बिहार में एक दीनदार (धार्मिक) गरीब पसमांदा बुनकर परिवार में हुआ था। 1906 ई० में 16 वर्ष की अल्प आयु में उषा कंपनी कोलकाता में नौकरी करना शुरू किया। नौकरी के साथ- साथ अध्यन (पढाई लिखाई) भी जारी रखा। कई तरह के आंदोलनों में सक्रिय रहे। पाबन्दी और बेचारगी वाली नौकरी छोड़ दी, जीविका के लिए बीड़ी बनाने का काम शुरू किया। अपने बीड़ी…