खालिस्तान ज़िंदाबाद फ़ोर्स के 4 आतंकी गिरफ्तार, भारी मात्रा में गोला बारूद बरामद

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पंजाब पुलिस ने खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स को पुनर्जीवित करने की साजिश से पर्दा उठाया है। पाकिस्तान व जर्मनी में बैठे आतंकियों के समूह द्वारा खड़े किए जा रहे इस नए आतंकवादी मॉड्यूल का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यह मॉड्यूल पंजाब व पड़ोसी राज्यों में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था। पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार करके उनके पास से 5 ए.के. 47 राइफल्स (समेत 16 मैगजीन और 472 गोलियां), 4 चीन की बनी .30 पिस्तौलें (समेत 8 मैगजीन और 72 गोलियां), 5 सैटेलाइट फोन, 9 हैंड ग्रेनेड, 2 मोबाइल फोन, 2 वायरलैस सैट और 10 लाख रुपए की नकली भारतीय करंसी बरामद की है। आरोपियों द्वारा मोहाली नंबर की एक स्विफ्ट कार का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। गिरफ्तार किए व्यक्तियों की पहचान बलवंत सिंह उर्फ बाबा उर्फ निहंग, अकाशदीप सिंह उर्फ आकाश रंधावा, हरभजन सिंह और बलबीर सिंह के तौर पर हुई है। अकाशदीप और बाबा बलवंत सिंह दोनों के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अमृतसर के स्टेट स्पैशल ऑप्रेशन सैल के पुलिस थाने में 22 सितम्बर 2019 को यू.ए.पी.ए., आम्र्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ एक्ट और आई.पी.सी. की अलग-अलग धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच के लिए एन.आई.ए. को सौंपने का फैसला लिया है और संबंधित अधिकारियों को इस बारे में औपचारिकताएं पूरी करने को कहा है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि आतंकवादियों को हथियार व अन्य सामान पहुंचाने के लिए पाकिस्तानी सीमा की तरफ से संचालित ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया, जिसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई को अंजाम देने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि भारतीय वायु सेना व सीमा सुरक्षा बल को निर्देश दिए जाएं। डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता के मुताबिक पाकिस्तान की एजैंसी आई.एस.आई. व पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी समर्थक गुटों द्वारा हाल ही में ड्रोन्स के जरिए यह हथियारों का जखीरा भारतीय सीमा में पंजाब के इलाके में आतंकियों तक पहुंचाने की आशंका है। डी.जी.पी. ने कहा कि कश्मीर घाटी में हाल ही के घटनाक्रमों के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर, पंजाब और देश के अन्य इलाकों में आतंकवाद और उग्रवाद को बढ़ाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर यह खेप पहुंचाई गई थी। डी.जी.पी. ने खुलासा किया कि यह ऑप्रेशन उन सूचनाओं के आधार पर अंजाम दिया गया, जिनमें कहा गया था कि खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स द्वारा पंजाब, कश्मीर व अन्य जगहों पर हमले की योजना बना रहे हैं।

डी.जी.पी. ने कहा कि काऊंटर इंटैलीजैंस की अमृतसर और पंजाब पुलिस की अन्य टीमों द्वारा सांझा तौर पर किए गए इस ऑप्रेशन में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह पाकिस्तान स्थित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के प्रमुख रणजीत सिंह उर्फ नीटा और उसके जर्मन स्थित सहयोगी गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा उर्फ डाक्टर द्वारा चलाया जा रहा था। स्थानीय स्लीपर सैलों की सहायता के साथ इन्होंने लोकल सदस्यों को ढूंढने, गर्मख्याली बनाने व भर्ती करने का काम किया। इसके साथ ही गिरोह के स्थानीय सदस्यों को कार्यशील करने के लिए सरहद पार से फंड और आधुनिक हथियारों का प्रबंध भी किया जाता था। प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि मान सिंह, जो इस समय पर आम्र्स एक्ट और यू.ए.पी.ए. केस अधीन अमृतसर जेल में बंद है, ने गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा के कहने पर अकाशदीप सिंह को भर्ती किया था, जब दोनों अमृतसर जेल में इकठ्ठे बंद थे। खेप को हासिल करने वाला बाबा बलवंत सिंह जो बब्बर खालसा इंटरनैशनल आतंकवादी ग्रुप का मैंबर है, पहले भी यू.ए.पी.ए. और आम्र्स एक्ट अधीन पुलिस थाना मुकंदपुर (शहीद भगत सिंह नगर) की तरफ से गिरफ्तार किया गया था और अब वह जमानत पर था।