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सांसदों और मुस्लिम आबादी में भारी असामनता के बीच जीते सिर्फ 27 मुस्लिम

भारत में नयी लोक सभा के नतीजे आ चुके है. भरी बहुमत के साथ एक बार फिर बीजेपी सरकार बनाएगी. 543 सीटों वाली संसद में 542 सीटों पर चुनाव हुए थे. मुस्लिम आबादी के हिसाब से सांसदों का अनुपात हैरान करने वाला है. देश में चुने गए कुल सांसदों और मुस्लिम आबादी में भारी असामनता है. इंस्टिट्यूट ऑफ ऑब्जेक्टिव स्टडीज की ताजा रिपोर्ट भी भारत में सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को उजागर करती है. इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में मुसलमानों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। देश में 20 फीसदी आबादी के बाद भी मुसलमानों का संसद में प्रतिनिधित्व कभी तय मानकों के अनुरूप नहीं है और यह अनुपात आजादी के बाद आज तक कभी सामान नहीं रहा. देश में सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाली 96 सीटों पर भी मुसलमानों को कभी 9 फीसदी से अधिक प्रतिनिधित्व नहीं मिला.

संसद में मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर हुए शोध के मुताबिक मुसलमानों को प्रतिनिधत्व न मिलने की बड़ी वजह परिसीमन विसंगतियां हैं. जिसके चलते इन सीटों पर ज्यादातर राजनीतिक दल मुसलमानों के बजाए अनुसूचित जाति और जनजातियों के उम्मीदवारों पर भरोसा कर रहे हैं. इसके अलावा इन 96 सीटों में से 9 सीटें अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए आरक्षित होने के कारण इन सीटों पर मुसलमानों का प्रतिनिधित्व खत्म हो गया है. यह सीटे हैं, उत्तर प्रदेश की नगीना, बाराबंकी और बहराइच, असम की करीमगंज तथा पश्चिम बंगाल की बोलपुर, बर्धमान पूर्व, मथुरापुर, जायनगर, कूच बिहार हैं।

उत्तर प्रदेश से 6 मुस्लिम नेता पहुंचे संसद

उत्तर प्रदेश की सबसे हॉट सीट में से एक रामपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के मो. आजम खान ने जया प्रदा को हराया, मुरादाबाद लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के डॉ एच.टी. हसन ने जीत हासिल की. अमरोहा लोकसभा सीट से बीएसपी के उम्मीदवार कुंवर दानिश अली जीते. संभल लोकसभा से सीट समाजवादी पार्टी के डॉ शफीकुर्रहमान बर्क सांसद चुने गए. सहारनपुर लोकसभा सीट से भी महागठबंधन से बीएसपी के उम्मीदवार हाजी फजलुर्रहमान ने जीत हासिल की तो गाजीपुर लोकसभा सीट से बीएसपी के अफजाल अंसारी सांसद चुने गए हैं.

2014 में नहीं चुना गया था एक भी मुस्लिम सांसद

2014 उत्तर प्रदेश से एक भी मुस्लिम सांसद लोकसभा नहीं पहुंच पाया था. यूपी में सपा-बसपा और आरएलडी गठबंधन हिट तो नहीं रहा, लेकिन कुछ सीटे जीतने में गठबंधन कामयाब रहा. उत्तर प्रदेश से इस बार सबसे ज्यादा छह मुस्लिम सांसद लोकसभा पहुंचे हैं.

ये मुस्लिम सांसद पहुंचे लोकसभा

असम से दो मुस्लिम सांसद लोकसभा पहुंचे हैं. एआईयूडीएफ चीफ बदरुद्दीन अजमल अब्दुल खालिक

केरल से ए.एम आरीफ और ईटी मोहम्मद बशीर

पश्चिम बंगाल से नुसरत जहां रुही, खलीलुर्रहमान, अबू ताहिर खान और सजदा खान

हैदराबाद से एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी

महाराष्ट्र से एआईएमआईएम के इम्तियाज जलील

लक्ष्यदीप से मोहम्मद फैजल

पंजाब से मोहम्मद सादिक

जम्मू कश्मीर से हुसैन मसूदी, मोहम्मद अकबर लोन, और फारुक अब्दुल्ला

बिहार से चौधरी महबूब अली कैसर (एनडीए कुनबे से एक मात्र मुस्लिम सांसद के तौर पर जीतने वाले), किशनगंज से मोहम्मद जावेद

तमिलनाडु से इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद नवाज कानी भी जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं.