उद्धव का शपथ ग्रहण समारोह इनको मिला न्योता, आडवाणी फिर हाशिये पर

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शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. भारतीय जनता पार्टी (BJP) से अलग होने के बाद शिवसेना ने कांग्रेस-एनसीपी के साथ गठबंधन बनाया और अब उसकी ही अगुवाई में सरकार बनने जा रही है. मुंबई के शिवाजी पार्क में शपथ ग्रहण समारोह के लिए जोरों पर तैयारियां चल रही हैं, साथ ही इस समारोह के लिए बड़े-बड़े दिग्गजों को न्योता दिया जा रहा है.

महाराष्ट्रमें शिवसेना के घर में शहनाई की गूंज सुनाई दे रही है. बालासाहेब ठाकरे परिवार में से पहली बार कोइ सीएम बनने जा रहा है तब दुसरी और बालासाहेब तथा भाजपा के दिग्गज नेता एल.के. आडवाणी की अतूट दोस्ती को जाननेवाले हैरान है कि क्या सत्ता मिलते ही और आज बालासाहेब नहीं है तब खुशी के ऐसे मौके पर ठाकरे परिवार आडवाणी को भूल गये क्या? भाजपाने तो आडवाणी को एक कोने में बिठा दिया लेकिन उद्धव ठाकरे ने भी उन्हें याद नहीं किया?

लाल कृष्ण अडवाणी

ठाकरे परिवार और आडवाणी के बीच राजनितिक संबंधो से उपर उठ कर पारिवारिक संबंध है ये भाजपा में और राजनीति में सब जानते है. बालासाहेब ने कई बार हिन्दुत्व को लेकर आडवाणी का मार्गदर्शन लिया और एक दुसरे के यहां आनाजाना भी होता रहा है.

राजनीतिक सूत्रो का मानना है कि उद्धव ठाकरे की भाजपा की वर्तमान नेतागीरी से दूरी का एक कारण ये भी हो सकता है कि भाजपाने आडवाणी के साथ अन्याय कर उन्हें मार्गदर्शक मंडल के नाम पर एक कोने में मुरली मनोहर जोशी के साथ बिठाया दिया. लेकिन अब जब ठाकरे परिवार से कोइ महाराष्ट्र का पेशवा बनने जा रहा है और उद्धव के पुत्र आदित्य खुद सामने से चलकर कांग्रेस के सोनिया गांधी को न्योता दे शकते थे तो क्या उसी दिल्ही में वे आडवाणी के घर पहुंच कर न्योता नहीं दे शकते थे क्या..? आखिर ऐसा क्या हो गया या कांग्रेस या शरद पवार का कोइ दबाव हे कि आडवाणी को न्योता नहीं देना? फिलहाल तो राजनीति में सब को यही लग रहा है की क्या सत्ता मिलते ही पारिवारिक साथी आडवाणी भूला दिये गये?

शपथ ग्रहण समारोह के लिए किसे-किसे न्योता पाने वाले प्रमुख महानुभावो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (आने की पुष्टि नहीं), सोनिया गांधी (आने की पुष्टि नहीं), मनमोहन सिंह, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, एमके स्टालिन, कमलनाथ, भूपेश बघेल, राज ठाकरे, अशोक गहलोत, अखिलेश यादव, चंद्रबाबू नायडू