सीएए और एनआरसी के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे मौलाना तौकीर रज़ा

  • मुनीब हुसैन

किसी को नागरिकता देने से किसी को कोई आपत्ति नहीं है।

देश के लोग सबाल न करें इसलिए उन्हें हिन्दू मुस्लिम में उलझा दिया है।

क्या कानून केवल हमारे लिए है सरकार का दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं करेंगे।

चंद मिनट में दस गुना भीड़ इकट्ठी हो जाएगी। लेकिन मैंने भीड़ को मना कर दिया है।

हम अमन और गाँधी के रास्ते पर चलकर देंगे धरना।

बरेली। नागरिकता संशोधन कानून सीएए के विरोध में इत्तेहाद ए मिल्लत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां सोमवार को दोपहर बाद इस्लामियां ग्राउंड में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। मौलाना तौकीर के साथ विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठन के लोगों ने पहुंचकर मौलाना तौकीर रजा का समर्थन किया। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और अर्द्धसैनिक बल को तैनात कर दिया गया है।
मौलाना ने कहा कि सरकार ने हमें धरने पर बैठने पर मजबूर किया है। दिल्ली के शाहीनबाग में पिछले एक महीने से धरना प्रदर्शन चल रहा है लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को नहीं सुन रही है। उन्होंने कहा कि हम यहां नरेंद्र मोदी या अमित शाह के विरोध में नहीं बल्कि इस देश की मुहब्बत में यहां बैठे हैं।

किसी को नागरिकता देने से नहीं है आपत्ति

मौलाना ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार जिसे चाहे नागरिकता दे किसी को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन इसके लिए सीएए लाने की क्या आवश्यकता है ? नागरिकता का दिखावा मत करो, पीड़ितों को धर्म के आधार पर न बाटों। उन्होंने कहा कि सीएए से मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं है हम यहीं रहेंगे।

देश को हिन्दू मुस्लिम में उलझा दिया है

मौलाना ने कहा कि देश को हिन्दू मुस्लिम में उलझा दिया है जिससे कोई इनसे सबाल न कर सके। लेकिन तुम कितनी भी कोशिश कर लो देश मे एकता बढ़ रही है।

कानून केवल हमारे लिए है, दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं

उन्होंने रविवार को कानून के समर्थन में रैली निकलने का हवाला देते हुए कहा कि हमें मार्च सभा करने से रोका गया। जबकि सरकार का समर्थन करने बालों को छूट दी गयी। उन्होंने कानून तोड़ा उनके विरुद्ध कार्यवाही होनी चाहिए थी दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी और कप्तान को भी कानून का सम्मान करना होगा।

चंद मिनट में दस गुना भीड़ इकट्ठी हो जाएगी

मौलाना ने कहा कि मैंने भीड़ न जुटने की अपील की है अगर चाहूं तो चंद मिनट में दस गुना भीड़ इकट्ठा हो जाएगी। मौलाना ने कहा कि देशप्रेम पहली चीज है हर नागरिक को इसे समझना चाहिए। और यह भी देखें कि सरकार देशप्रेम कर रही है या देश को नुकसान पंहुचा रही है।

अमन और गाँधी के रास्ते पर चलकर देंगे धरना

वही मौलाना ने धरने से पहले कहा है कि वह अपना विरोध अमन के साथ दर्ज कराएंगे और गांधी के रास्ते पर चलकर अहिंसा के के जरिए विरोध में शामिल होंगे। यह धरना तब तक चलेगा जब तक भाजपा सरकार द्वारा लाया गया नागरिकता संशोधन कानून वापस नहीं लिया जाता।

 

साभार अमृत विचार