होली के मौके पर दरगाह वारिस पाक से दिया गया सौहार्द का संदेश

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बरेली। सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर होली पर दिया भाईचारे का संदेश, अपनी परंपरा के मुताबिक यूपी के बाराबंकी जिले के देवा शरीफ़ में पिछले डेढ़ सौ साल से होली खेलने की परंपरा हैं, यहाँ फूलों और गुलाल से दरगाह परिसर में हिन्दू भाई होली खेलते हैं, सुबह सुबह होली खेलने के बाद वहाँ के लोग दूसरी जगह में जाते हैं ये परम्परा आज भी सूफी संत वारिस पाक की दरगाह पर क़ायम हैं।

भाईचारे और सौहार्द की मिसाल हैं दरगाह वारिस पाक

बड़ी तादात में लोग होली के मौके पर देवा शरीफ़ पहुँचते हैँ मुस्लिम भाई हिन्दू भाईयो को होली की शुभकामनाएं देते हैं, बरेली से भी वारिस पाक के अकीदतमंद दरगाह पहुँचे और भाईचारे का पैग़ाम दिया, फूलो से होली भी खेली और मोहब्बत के साथ होली की बधाई भी दी।
जनसेवा टीम के सचिव अहमद उल्लाह वारसी ने बताया कि सरकार वारिस पाक के आस्ताने से हमेशा भाईचारे और सौहार्द का पैग़ाम दिया जाता रहा हैं, देश के हर हिस्से से लोग यहाँ पहुँचे हैं, हिन्दू भाईयो में गुलाल लगाया वहीं मुस्लिम भाईयो ने फूल बरसाकर कौमी एकता का पैग़ाम आम किया।बरेली से भी बड़ी तादात में अकीदतमंद ने सरकार वारिस पाक की दरगाह पर हाज़री दी और मुल्क़ व आवाम की खुशहाली, तरक़्क़ी, कामयाबी, सलामती, अमन ओ अमान के लिये ख़ुसूसी दुआ की।
देवा शऱीफ में बरेली से मुख्य रूप से अहमद उल्लाह वारसी, सय्यद समरान अली वारसी, अज़ीम शम्सी, कैफ़ी वारसी, अरविंद यादव, अब्दुल क़दीर वारसी, मज़हर वारसी, इमामुद्दीन वारसी आदि शामिल रहे।
इधर बरेली में समाजसेवी शिरोज़ सैफ क़ुरैशी ने अपने साथियों के साथ होली के मौके पर सफ़ेद गुलाब देकर होली मिली।
जनसेवा टीम के अध्यक्ष पम्मी खान वारसी ने होली के पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बुराई पर अच्छाई की जीत हैं होली, होली रंगों का त्यौहार, जीवन में रंग मोहब्बत का प्रतीक हैं हम सबको होली स्पेशल रंगो से हमेशा खेलनी चाहिये, होली के ख़ास रंग शांति सौहार्द भाईचारे और सहनशीलता के साथ होली खेले और मनाये, होली पर सौहार्द और गंगा जमनी तहज़ीब क़ायम रखने के लिये बरेली पुलिस प्रशासन व अमनपसन्द नागरिक बधाई के पात्र हैं।