या खुदा दुनिया को जंग जुदाई से बचा

  • मुनीब हुसैन

बरेली। नोमहला दरगाह नासिर मियाँ पर नमाज़े ज़ोहर के बाद ख़ुसूसी दुआ के साथ ही देश की खुशहाली तरक़्क़ी और सलामती के लिये हाथ उठे।

जनसेवा टीम के अध्यक्ष पम्मी खान वारसी ने कहा कि ईरानी जर्नल कासिम सुलेमानी की अमेरिका द्वारा हत्या से उपजे दुनिया भर में तनाव से एक बार से तीसरा विश्व युद्ध होने का ख़तरा अपने चरम पर पहुँच गया हैं ईरानी अपने जर्नल की हत्या का बदला लेने को अपने देश के नेतृत्व पर दवाब डाल रही हैं, इसी के मद्देनजर दुनिया की अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका लगा हैं इससे भारत भी अछूता नहीं हैं, डर हैं कि अगर दोनों के दरमियान जंग छिड़ गई तो सारी दुनिया पर इसका काफ़ी बुरा असर पड़ने का ख़तरा ज़्यादा हैं वही दूसरी ओर जेएनयू में असमाजिक तत्वों द्वारा छात्रों की पिटाई और तोड़फोड़ से भारतीय राजनीति भी गरमा गई है जिस तरह से कथित बाहरी तत्वों ने कैम्पस में घुसकर छात्रों से मारपिटाई की हैं उससे भी छात्रों की सुरक्षा और जानमाल की हिफाज़त करना मुश्किल हो पड़ा हैं, भाईचारे को खत्म करने में शैतानियत वाली हरकते हो रही हैं इन सबसे हिफाज़त के लिये सूफ़ी शाने अली कमाल मियाँ साबरी ने दुआ की। इस मौके पर मोहसिन इरशाद, सूफ़ी वसीम मियाँ साबरी, सूफ़ी शाने अली कमाल मियाँ साबरी, अहमद उल्लाह वारसी, हनीफ़ खान, मौलाना मुश्ताक अहमद नूरी, सलीम अहमद साबरी, काज़ी रज़ा उर रहमान, नेहाल खान, रिज़वान, सलीम, शमशाद, सुजात, मो साबिर क़ुरैशी, नईम अहमद साबरी आदि लोग शामिल रहे।