जौनपुर में धर्मांतरण की शिकायत पर पुलिस की बड़ी कार्यवाही, बड़ी संख्या में ईसाई साहित्य बरामद

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जौनपुर । नेवढिया थाना क्षेत्र के सरैयां गांव स्थित चर्च में बुधवार की सुबह तब अफरा-तफरी मच गई जब अचानक पुलिस धमक पड़ी। चर्च की तलाशी के दौरान भारी संख्या में ईसाई मिशनरी से जुड़े साहित्य बरामद हुए। पुलिस ने एक परिवार के मुखिया व चार महिलाओं समेत नौ लोगों को हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई धर्मांतरण की सूचना पर की गई। थाने में चार घंटे पूछताछ के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया। यह चर्च धर्मांतरण की सुगबुगाहट को लेकर विवाद के चलते पहले भी सुर्खियों में आ चुका है।

छापेमारी में बरामद ईसाई साहित्य

सुबह किसी ने मोबाइल फोन पर एसपी रवि शंकर छवि को गांव के चर्च में लोगों को बहला-फुसलाकर व अंधविश्वास के सहारे धर्मांतरण कराए जाने की सूचना दी। एसपी ने मातहतों को निर्देश दिए कि छापेमारी कर यदि सूचना सही हो तो आरोपितों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करें। एसपी के निर्देश पर महिला थाना प्रभारी एसआइ तारामती यादव व थानाध्यक्ष नेवढिया राज नारायण चैरसिया ने मयफोर्स सुबह आठ बजे चर्च पर छापेमारी की। चर्च में मौजूद गांव के ही निवासी अशोक राजभर व उसके परिवार की चार महिलाओें समेत नौ लोगों को हिरासत में ले लिया गया। तलाशी में चर्च से 11 पेटियों में भारी संख्या में बाल सुलभ सचित्र बाइबल बुकलेट मिले। ईसाई मिशनरियों से जुड़े साहित्यों व चर्च में लगे ध्वनि विस्तारक यंत्र को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों को पुलिस थाने ले गई।पूछताछ के दौरान अशोक राजभर ने पुलिस को उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश की प्रति दिखाई। जिसमें साफ लिखा गया है कि प्रार्थना सभा में किसी तरह का हस्तक्षेप न किया जाए। लगभग चार घंटे तक पूछताछ के बाद धर्मांतरण संबंधी कोई साक्ष्य न मिलने पर पुलिस ने दोपहर सवा बारह बजे हिरासत में लिए गए सभी लोगों को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया।

सरैयां गांव निवासी अशोक राजभर सन 2012 में ईसाई मिशनरियों के संपर्क में आया। सपरिवार यीशु की प्रार्थना करने लगा। सन 2014 में उसने अपनी खाली पड़ी जमीन पर चर्च बनवा दिया। हर हफ्ते प्रार्थना सभा होने लगी। इसमें लोगों की जुटान बढ़ने लगी तो धर्मांतरण की चर्चा पर हिदूवादी संगठनों से जुडेघ् लोगों की नजर में यह चर्च आ गया। लगभग पांच साल पहले हिदूवादी संगठनों के लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। तब पुलिस ने विरोध करने वालों को हिरासत में लेकर सुरेरी थाने पर घंटों बैठाए भी रखा था।