पश्चिम एशिया में जारी भीषण टकराव ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को संकट में डाल दिया है। ईरान की ओर से क्षेत्र के तेल-गैस ढांचे को आग लगाने की धमकी के बाद हालात और विस्फोटक हो गए हैं।
इसी बीच अमेरिका ने बड़ा कदम उठाते हुए रास्ते में मौजूद रूसी तेल की खरीद पर सभी देशों को अस्थायी छूट देने का तय किया गया है। पश्चिम एशिया इन दिवसों बारूद के ढेर पर खड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों से जारी भीषण सैन्य टकराव ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा को हिला कर रख दिया है।
हालात तब और भड़क उठे जब ईरान ने खुलेआम चेतावनी दे डाली कि उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ तो वह पूरे क्षेत्र के तेल और गैस ढांचे को आग के हवाले कर देगा। इस धमकी ने वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा दिया है और सप्लाई ठप पड़ने का डर और गहरा गया।
इसी बढ़ते संकट के बीच अब अमेरिका ने अचानक रुख बदलते हुए दूसरे हिंदुस्तानों को रूसी तेल खरीदने के लिए अस्थायी मंजूरी देने का फैसला किया है है। यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने नोटिस जारी कर जानकारी दी कि 12 मार्च को सुबह 12.01 बजे या उससे पहले जहाजों पर लादे गए रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों से संबंधित लेनदेन की अनुमति दी गई है, और यह आराष्ट्र 11 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा। यह फैसला उस वक्त आया है जब बीते 14 दिवसों से अमेरिका और इस्राइल का ईरान पर जारी भीषण हमला और जवाबी कार्रवाई के रूप में ईरान की ओर से इस्राइल और खाड़ी राष्ट्रों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर की जा रही बमबारी ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है, जिसके चलते दुनियाभर में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। विज्ञापन ये भी पढ़ें:- West Asia Crisis: ईरान का दावा- इराक में मार गिराया अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान, अमेरिका ने नकारा; जानें मामला तेल पर बढ़ती चिंता और अमेरिका का फैसला अमेरिका के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने और तेल की बढ़ती कीमतों को काबू में रखने के लिए उठाया गया है।
इसका विशाल कारण यह भी है कि फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के जल्द पूर्ण होने के संकेत भी नहीं मिल रहे हैं, इसलिए तेल आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ गई है। भारत को पहले ही मिल चुकी है रियायत बता दें कि इससे पहले अमेरिका भारत को भी इसी तरह की छूट दे चुका है। 5 मार्च को अमेरिका ने हिंदुस्तान को 30 दिनों की विशेष अनुमति दी थी, जिसके तहत भारत रूस से तेल खरीद सकता है। ट्रंप प्रशासन ने बताया कि यह तय इसलिए लिया गया था ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई बनी रहे और कीमतों पर दबाव कम हो।
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