दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में आतंकी साजिश रच रहे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली कानूनी एजेंसी की स्पेशल सेल ने बड़ी कार्रवाई की है. दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में एक साथ की गई छापेमारी में आठ आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है.
इनमें से सात आरोपी बांग्लादेशी नागरिक हैं, जो अवैध रूप से भारत में घुसकर फर्जी भारतीय पहचान पत्रों के सहारे रह रहे थे. बता दें कि फर्जी हिंदुस्तानीय पहचान के सहारे छिपे थे आतंकी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क बांग्लाराष्ट्र में बैठकर संचालित किया गया जा रहा था. मॉड्यूल का मुख्य हैंडलर शब्बीर अहमद लोन उर्फ राजा उर्फ कश्मीरी है, जो जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर जिले का रहने वाला है और फिलहाल बांग्लाराष्ट्र में छिपकर लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियां चला रहा था.
शब्बीर पहले भी वर्ष 2007 में हथियारों और ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार हो चुका है और तिहाड़ जेल में सजा काट चुका है. जांच में सामने आया कि आरोपियों को कट्टरपंथी बनाकर भारत में आतंकी नेटवर्क दोबारा खड़ा करने की साजिश रची जा रही थी. दिल्ली पुलिस अधिकारियों @CellDelhi की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लश्कर-ए-तैयबा के बांग्लादेशी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया ।दिल्ली, पश्चिम बंगाल और तमिल नाडु में कई जगहों पर लगातार छापेमारी कर लश्कर-ए-तैय्यबा गिरोह के बांग्लादेश मूल के 7 आतंकियों सहित कुल 8 आतंकियों को गिरफ्तार किया।… pic.twitter.com/LuCDWVbCiF — Delhi Police (@DelhiPolice) February 22, 2026 संदिग्ध आतंकियों ने भारत के कई बड़े शहरो में की थी रैकी इन लोगों को देश के अहम और संवेदनशील ठिकानों की रेकी करने का काम सौंपा गया था.
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि समय रहते कार्रवाई कर संभावित आतंकी हमलों को टाल दिया गया. मामले की शुरुआत 8 फरवरी 2026 को तब हुई. जब जनपथ मेट्रो स्टेशन समेत दिल्ली के कई इलाकों में पाकिस्तान समर्थक और आतंकी विचारधारा वाले पोस्टर लगाए जाने की शिकायत मिली. पोस्टरों में मारे गए आतंकी बुरहान वानी की तस्वीरें और भड़काऊ नारे लिखे थे.
जांच के दौरान सुराग कोलकाता तक पहुंचे, जहां से दो आरोपियों को पकड़ा गया. इसके बाद तमिलनाडु के तिरुप्पुर में छापेमारी कर छह और सदस्यों को गिरफ्तार किया गया. इस बीच, दिल्ली कानूनी एजेंसी को मोबाइल फोन, बांग्लादेशी पासपोर्ट भी मिले दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से मोबाइल फोन, क्रेडिट-डेबिट कार्ड, पीओएस मशीन, बांग्लादेशी पासपोर्ट और बड़ी संख्या में आपत्तिजनक पोस्टर बरामद किए हैं.
शुरुआती पूछताछ में खुलासा हो गया है कि आरोपी हथियार जुटाने और नए जनताों की भर्ती की तैयारी में थे. फिलहाल जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगोंों की तलाश की जा रही है.
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