पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का प्रकाशन चरणबद्ध तरीके से शुरुआत कर दिया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य के विभिन्न जिलों में संशोधित मतदाता सूची की हार्ड कॉपियां जारी की जा रही हैं, जबकि ऑनलाइन सूची अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है। आयोग के सूत्रों के मुताबिक, मतदाता सूची से हटाए गए नामों की कुल संख्या के बारे में अभी तक कोई स्पष्टता नहीं मिली है, लेकिन केवल बैंकुरा जिले में ही करीब 1.35 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका जताई जा रही है।
प्रकाशित सूची में कुल 7.08 करोड़ मतदाताओं को तीन श्रेणियों 'स्वीकृत', 'हटाए गए' और 'निर्णयाधीन' में वर्गीकृत किया गया गया है। 'निर्णयाधीन' श्रेणी में वे मतदाता शामिल हैं, जिनके नामों की जांच न्यायिक अधिकारियों द्वारा की जा रही है और जिनके शामिल या हटाए जाने पर अंतिम निर्णय पूरक सूचियों में होगा। पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया 4 नवंबर को मतदाताओं के बीच गणना प्रपत्र वितरण के साथ शुरू हुई थी।
चुनाव आयोग ने 116 दिनों में इस अभ्यास को अस्थायी रूप से पूरा कर 'अधूरी अंतिम सूची' जारी की, जो राजनीतिक विवाद, दस्तावेज सत्यापन नियमों में संशोधन और कानूनी चुनौतियों के बीच प्रकाशित की गई।
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