भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते सुधरते हुए नजर आ रहे हैं. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान को भारत आने का निमंत्रण दिया है.
ये न्योता सही समयावधि पर दिया गया है. इस न्योते को भारत के हाई कमिश्नर प्रणय वर्मा ने रविवार की दोपहर विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के साथ एक शिष्टाचार भेंट करते हुए दिया है.
शाम को जारी बयान में कहा गया है कि विराष्ट्र मंत्रालय ने बताया कि देशीय हाई कमिश्नर प्रणय वर्मा ने अपनी सरकार की ओर से द्विपक्षीय सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए बांग्लादेश के नई सरकार के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है. इधर, बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा है कि आपसी हितों के आधार पर दोनों देशों के नागरिकों को भलाई के लिए भविष्य की सोच वाली और संतुलित साझेदारी बनाने पर जोर दिया जाएगा. दोनों ही देश रिश्ते सुधारने को लेकर अहम कदम उठा रहे हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साथ ही दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए रेगुलर और कंस्ट्रक्टिव बातचीत बनाए रखने पर सहमत हुए हैं. पीएम मोदी ने दी थी तारिक रहमान को पीएम बनने की बधाई इससे पहले बांग्लादेश में नई सरकार के निर्वाचन के साथ ही दोनों देशों ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया है. खुद पीएम मोदी ने सबसे सोशल मीडिया के जरिए तारिक रहमान को प्रधानमंत्री बनने की बधाई दी थी.
इसके अलावा भारत के लोकसभा स्पीकर भी तारिक रहमान के शपथ ग्रहम समारोह में शामिल हुए थे. पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में खटास आई थी साल 2025 में शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद दोनों देशों के रिश्ते में तनाव देखने को हासिल हुआ था. उस वक्त भारतीय वीजा सेंटर्स ने बांग्लाभारत में अपने ऑपरेशन पर रोक लगा दी थई.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्र नेता उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में लगातार विरोध प्रदर्शन हुए. इस दौरान प्रदर्शन ने भारत विरोधी रूप ले लिया था. इसकी शुरुआत साल 2024 में हुए बांग्लाराष्ट्र में विरोध प्रदर्शन के बाद पूर्व प्रधानसेवक शेख हसीना ने पद से इस्तीफा दे दिया था.
इस बीच, वह भारत भाग आईं थीं. इसपर इंडियन वीजा सेंटर के अधिकारी ने कहा है था कि जब भी दोनों देशों के बीच रिश्ते खराब होते हैं, या सुरक्षा की स्थिति खराब होती है, तो हमें इसे बंद करना पड़ता है.
यह खबर स्वचालित रूप से संकलित की गई है।
