भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर दुनिया को चौंकाया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में भारत की GDP विकास दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है, जो इसे दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाए रखता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी, सर्विस सेक्टर की मजबूती और बढ़ता डिजिटल इकोनॉमी का योगदान इस ग्रोथ के पीछे प्रमुख कारण हैं। सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी पहलों ने भी इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश, विदेशी निवेश में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार ने भारत को वैश्विक मंदी के दौर में भी स्थिर रखा है। हालांकि, महंगाई पर नियंत्रण और रोजगार सृजन अभी भी चुनौतियां बनी हुई हैं जिन पर सरकार का ध्यान केंद्रित है।
