राज्यसभा में आज नया श्रम संहिता विधेयक पारित हो गया। इस विधेयक के अनुसार, सभी श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर कार्य परिस्थितियों की गारंटी दी जाएगी। श्रम मंत्री ने कहा कि यह विधेयक देश के करोड़ों मज़दूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
नए कानून के तहत, अब सभी कामगारों को ईपीएफ (EPF) और ईएसआई (ESI) का लाभ मिलेगा, चाहे वे संगठित क्षेत्र में हों या असंगठित क्षेत्र में। महिला श्रमिकों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं जिसमें मातृत्व अवकाश 26 सप्ताह और समान वेतन की गारंटी शामिल है।
ट्रेड यूनियनों ने इस विधेयक का स्वागत किया है, हालांकि कुछ संगठनों ने कहा कि इसमें और सुधार की ज़रूरत है। विपक्ष ने भी कुछ संशोधन सुझाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए तो यह भारत के श्रम सुधारों में मील का पत्थर साबित होगा।
