EPFO: कार्य करना जरूरी है, लेकिन भविष्य में आने वाली किसी आपातकालीन परिस्थिति का सामना करने के लिए सेविंग्स का होना भी बहुत जरूरी है. इतनी तैयारी होनी चाहिए कि अगर इमरजेंसी में पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़े.
प्रशासन की तरफ से दी जाने वाली कई ऐसी सेविंग्स स्कीम्स हैं, जिनके जरिए आप लंबे समय में बड़े पैमाने पर फंड तैयार कर सकते हैं. सेविंग्स के सफर में PF की लें मदद PF यानी कि भविष्य निधि भी सेविंग्स के आपके इस सफर का बड़ा सहारा बन सकता है.
वहीं, मिबरस के तौर पर अगर आपकी सैलरी 50000 रुपया प्रति महीना है, तो आप 5.5 करोड़ रुपये तक का फंड जमा कर सकते हैं. वैसे तो केंद्र सरकार कई तरह की स्कीम चलाती है. इन्हीं में से एक है EPFO.
यह खासतौर पर निजी संस्थानों में गतिविधि करने वाले कर्मचारियों के लिए बेहद फायदेमंद है. प्राइवेट कंपनी में काम करने वाला व्यक्ति EPFO द्वारा चलाई जाने वाली PF स्कीम के जरिए 5 करोड़ रुपये से ज्यादा इंवेस्ट कर सकता है.
यहां समझें पूरा कैलकुलेशन PF एक ऐसी सरकारी स्कीम है, जिसमें आपकी बेसिक सैलरी का 12 परसेंट हर महीने कटता है और उतनी ही रकम कंपनी की तरफ से जमा की जाती है. ऐसे में अगर कोई कर्मचारी 50000 रुपये महीने की सैलरी पर काम करता है, तो वह समय के साथ ब्याज के फायदे से 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड जुटा सकता है.
फिलहाल पीएफ पर सालाना 8.25 परसेंट की दर से ब्याज मिलता है. पीएफ अकाउंट में जमा पैसे पर मिलने वाला ब्याज कम्पाउंडिंग के आधार पर बढ़ता जाता है.
साधारण ब्याज में आपको सिर्फ आपकी जमा राशि पर ब्याज मिलता है, लेकिन पीएफ में पिछले साल ब्याज और मेन बैलेंस, दोनों को मिलाकर ब्याज मिलता है. इससे इसमें जमा राशि और तेजी से बढ़ती जाती है.
गौरतलब है कि ऐसे में कम्पाउंडिंग ब्याज के साथ 50000 की सैलरी पर आपकी रकम हर साल 6 परसेंट की दर से बढ़ रही होती है. अब अगर आपकी सैलरी हर महीने 50 हज़ार रुपये है, तो सैलरी के 12 परसेंट के हिसाब से आपके PF में कुल 24 हजार रुपये जमा होंगे और अगर आप 22 बरस की उम्र में इन्वेस्ट करना शुरू करते हैं, तो 60 साल बाद आपके अकाउंट में कुल 1,36,38,805 रुपये जमा होंगे.
वहीं, अगर आप इसमें 8.25 परसेंट की दर से ब्याज जोड़ते हैं, तो यह 4,20,45,241 होगा. अगर आप इन दोनों को जोड़ते हैं, तो 60 साल बाद आपके पास कुल 5,56,84,046 रुपये होंगे.
इसका मतलब है कि रिटायरमेंट के बाद आपके पास 5.5 करोड़ रुपये से ज्यादा होंगे. यह भी पढ़ें: महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की चर्चा तेज; केंद्रीय कर्मचारियों की नजर सरकार पर, जानिए क्या हो सकता है तय?
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