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iPhone: डीजल को पीछे छोड़ एपल आईफोन बना भारत का सबसे मूल्यवान निर्यात उत्पाद, 23 अरब डॉलर के फोन विदेश भेजे गए

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वर्ष 2025 में आईफोन पहली बार भारत का सबसे ज्यादा मूल्य वाला निर्यातित उत्पाद बन गया। इससे पहले ऑटोमोटिव डीजल सबसे मूल्यवान निर्यातित उत्पाद था। सूत्रों के मुताबिक, सरकार की PLI योजना और चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति के चलते एपल ने हिंदुस्तान में उत्पादन बढ़ाया।

इससे करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये के आईफोन विभारत भेजे गए। वहीं, 2025 में भारत के निर्यात आंकड़ों में आईफोन बनाने वाली एपल ने इतिहास रच दिया है। हालिया औद्योगिक आंकड़ों के अनुसार, एपल का आईफोन पहली बार हिंदुस्तान की सबसे मूल्यवान निर्यात उत्पाद बन गया है। इसके पहले ऑटोमोटिव डीजल फ्यूल का निर्यात राष्ट्र में सबसे ज्यादा था।

घरेलू फैक्ट्रियों से करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये के आईफोन विदेश भेजे गए। इनमें से ज्यादातर अमेरिका को निर्यात हुए। उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक, एपल के निर्यात में आई इस बड़ी बढ़ोतरी के पीछे दो महत्वपूर्ण कारण हैं: शासन की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) प्लान के तहत कंपनियों को देश में ज्यादा उत्पादन करने पर प्रोत्साहन मिलता है।

इससे एपल को राष्ट्र में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने में मदद मिली। दुनिया भर की कंपनियां अब सिर्फ चीन पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं।

सूत्रों के मुताबिक, सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने के लिए एपल ने उत्पादन का कुछ हिस्सा भारत जैसे देशों में शिफ्ट किया है। गौरतलब है कि जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच भारत से करीब 30.13 अरब डॉलर के स्मार्टफोन विदेश भेजे गए। ऐसा पहली बार हुआ है है कि स्मार्टफोन ने ऑटोमोटिव डीजल फ्यूल को पीछे छोड़ते हुए देश का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बनने का रिकॉर्ड बनाया। इन कुल निर्यात में से करीब 76% हिस्सा अकेले एपल का रहा।

हालांकि एपल के लिए PLI योजना की पांच वर्ष की अवधि मार्च 2026 में खत्म होने वाली है। देश में एपल का प्रोडक्शन तेजी से बढ़ा है। इस वक्त राष्ट्र में आईफोन बनाने के लिए 5 असेंबली प्लांट कार्य कर रहे हैं: इन प्लांट्स के साथ करीब 45 सप्लायर कंपनियां जुड़ी हुई हैं।

इनमें कई छोटे और मझोले उद्योग (MSMEs) शामिल हैं। ये हिंदुस्तान और विदेश दोनों के लिए आईफोन के पार्ट्स और कलपुर्जे सप्लाई करते हैं। देश अब दुनिया का दूसरा सबसे विशाल मोबाइल फोन उत्पादक बन चुका है। आज देश में बिकने वाले 99% से ज्यादा मोबाइल फोन 'मेड इन इंडिया' हैं।

इससे साफ है कि भारत सिर्फ असेंबली तक सीमित नहीं है बल्कि अब मैन्युफैक्चरिंग की पूरी वैल्यू चेन भी तेजी से आगे बढ़ रही है। हालिया खबर के मुताबिक, भारत में लोगों का फोन खरीदने का पैटर्न बदल रहा है। पहले ज्यादातर लोगों सस्ते (बजट) स्मार्टफोन खरीदते थे लेकिन अब कई एपल जैसे ग्राहक महंगे और प्रीमियम फोन की तरफ बढ़ रहे हैं। काउंटपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में आईफोन 16 का बेस मॉडल देश का सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन रहा।

यह दिखाता है कि भारतीय बाजार में अब प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग तेजी से बढ़ रही है। दरअसल, दिसंबर तिमाही में एपल ने अमेरिका, यूरोप, जापान और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अब तक की सबसे ज्यादा कमाई दर्ज की। कंपनी 26 फरवरी को मुंबई में अपना एक और नया स्टोर खोलने जा रही है।

हाल ही में हुई अर्निंग कॉल के दौरान एपल के सीईओ टिम कुक ने कहा है कि उभरते बाजारों खासकर हिंदुस्तान में, कंपनी की कमाई में मजबूत दो अंकों की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि दिसंबर तिमाही में हिंदुस्तान में एपल ने नया राजस्व रिकॉर्ड बनाया। उनके अनुसार, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार और चौथा सबसे बड़ा पीसी बाजार है।

कंपनी ने आईफोन, मैक और आईपैड की बिक्री में तिमाही रिकॉर्ड बनाए जबकि सर्विसेज से अब तक की सबसे ज्यादा कमाई हुई।

यह खबर स्वचालित रूप से संकलित की गई है।

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