कनार्टक के तुरुवेकेरे कानूनी एजेंसी ने शनिवार को नारायणप्पा नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। दरअसल आरोप है कि नारायणप्पा तुमकुरु गांव के अरसम्मा मंदिर में एक दलित नवविवाहित को प्रवेश करने पर अपमानित किया गया। इस बीच, कानूनी एजेंसी सूत्रों के अनुसार, एक उच्च जाति के व्यक्ति ने कथित तौर पर तुमकुर जिले के तुरुवेकेरे तालुक के गोनी गांव में स्थित अरसम्मा मंदिर में एक दलित नवविवाहित जोड़े को प्रार्थना करने से रोका।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उस व्यक्ति ने दंपत्ति को डांटते हुए कहा कि दलितों को यहां प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। उन्हें घर पर ही पूजा करनी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, दलित दंपत्ति को डांटते हुए का एक वीडियो वायरल हो गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपमान का शिकार हुए दूल्हे ने पुलिस अधिकारियों स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद थुरुवेकेरे पुलिस स्टेशन में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर में 5 मुख्य आरोपियों और अन्य लोगों के नाम हैं, जिनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि पुलिस बाकी लोगों की तलाश कर रही है।
यह भी पढ़ें- अब कैसी है शरद पवार की तबीयत?: सभी मेडिकल रिपोर्ट सामान्य, हालत स्थिर; डॉक्टर ने कहा कब जा सकेंगे घर महाराष्ट्र में पत्थरबाजी के मामले में आठ लोग गिरफ्तार इससे पहले, 20 फरवरी को, बागलकोट पुलिस अधिकारियों ने शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर आयोजित एक भव्य जुलूस के दौरान पत्थरबाजी और चप्पल फेंकने की घटना के बाद आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया और एफआईआर दर्ज की। बागलकोट के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल ने ब्योरा दी कि यह घटना रात्रि करीब 10:06 बजे जुलूस के मस्जिद पहुंचने से कुछ ही देर पहले घटी। मस्जिद में नमाज रात करीब 9:30 बजे समाप्त हो चुकी थी, हालांकि उस दौर कुछ लोग अभी भी अंदर मौजूद थे।
पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि एक व्यक्ति ने जूते रखने वाले रैक के नीचे रखे दो छोटे पत्थर उठाए और फेंक दिए, जो आम लोगोंों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को भी लगे। किसी को भी गंभीर चोट नहीं आईउन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों के कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुख्य आरोपी को सात अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। अशांति के बावजूद जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा।
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