एईपीसी के चेयरमैन डॉ. वहीं, ए साक्थिवेल ने कहा कि अमेरिका की नई टैरिफ नीति और सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिंदुस्तानीय परिधान उद्योग को फायदा हो सकता है। उन्होंने बताया कि देश की मजबूत उत्पादन क्षमता, कच्चा माल और अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता के चलते भारतीय निर्यातकों के लिए अवसर बढ़ेंगे।
अमेरिका की हालिया टैरिफ नीति में हुए बदलाव को भारतीय परिधान उद्योग के लिए सकाशाम्मक माना जा रहा है। एपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (AEPC) के चेयरमैन डॉ. ए साक्थिवेल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले और नई वैश्विक टैरिफ घोषणा के बावजूद भारत को इसका लाभ मिल सकता है।
यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापक टैरिफ नीति के एक बड़े हिस्से को खारिज कर दिया। इसके बाद ट्रंप ने सभी व्यापारिक साझेदार देशों पर 10 प्रतिशत का हालिया वैश्विक टैरिफ लागू करने की घोषणा की। उन्होंने हिंदुस्तान के साथ व्यापार व्यवस्था को निष्पक्ष बताते हुए कहा कि अमेरिका इस समझौते के तहत शुल्क का सामना नहीं करेगा। सूत्रों के मुताबिक, साक्थिवेल ने कहा कि टैरिफ में कमी का फायदा भारत को मिल सकता है, क्योंकि राष्ट्र के पास कच्चा माल, बेहतर गुणवत्ता और बड़े स्तर पर आपूर्ति की क्षमता है।
उनके मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी भारतीय परिधान निर्यातकों के लिए अवसर बढ़ेंगे और यह स्थिति भारत के पक्ष में है। हिंदुस्तान-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर उन्होंने बताया कि समझौते को लागू किया जाना बाकी है और भारत को अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखकर 10 प्रतिशत या उससे कम टैरिफ के अवसर सुनिश्चित करने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका भारत को एक मित्र देश मानता है, जो आगे व्यापारिक संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत है।
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