प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को कोलकाता स्थित रियल एस्टेट कंपनी मर्लिन ग्रुप और उससे जुड़ी कुछ संस्थाओं के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत नए सिरे से तलाशी अभियान चलाया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
निर्वाचन वाले राज्य में की गई यह कार्रवाई, एजेंसी की और से 8 अप्रैल को समूह (मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड) और उसके प्रमोटर सुशील मोहता और साकेत मोहता के खिलाफ की गई छापेमारी का अनुवर्ती है। 4-5 परिसरों में तलाशी अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को कोलकाता और उत्तर 24 परगना जिले में इस मामले से जुड़े कुछ पक्षों के लगभग 4-5 परिसरों में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत तलाशी ली जा रही है। इससे पहले मर्लिन ग्रुप ने एक बयान में कहा था कि वह ईडी के साथ सहयोग कर रहा है और उसके सभी लेनदेन पारदर्शी हैं। ईडी के अधिकारियों ने कहा था कि एजेंसी इस जांच के तहत कंपनी और पश्चिम बंगाल सरकार के कुछ राजनेताओं और अधिकारियों के बीच कथित वित्तीय संबंधों की जांच कर रही है।
प्रमोटर और कंपनी पर जाली दस्तावेजों का उपयोग करके झूठी स्वामित्व श्रृंखला बनाने के आरोप में ईडी की जांच चल रही है, जिसके कारण भूमि हड़पने के आरोप लगे हैं। एजेंसी ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने कथित तौर पर हथियाई गई जमीन का व्यावसायिक रूप से शोषण करते हुए बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट परियोजनाएं आरंभ कीं। एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने जाली दस्तावेजों का उपयोग करके खुद को वैध मालिक के रूप में पेश किया और जनता को अपनी रियल एस्टेट परिप्लानओं में पर्याप्त रकम का निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
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