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Sikkim: सिक्किम में बर्फीले संकट के बीच सेना का ‘ऑपरेशन हिमराहत’, 46 पर्यटक सुरक्षित निकाले

Sikkim: सिक्किम में बर्फीले संकट के बीच सेना का ‘ऑपरेशन हिमराहत’, 46 पर्यटक सुरक्षित निकाले

पूर्वी सिक्किम में भारी बर्फबारी के बाद हिंदुस्तानीय सेना ने ‘ऑप हिमराहत’ आरंभ कर फंसे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बचाया। दरअसल, शून्य से नीचे तापमान में कई वाहन संवेदनशील मार्गों पर फंस गए थे। पूर्वी सिक्किम के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अचानक हुई भारी बर्फबारी के बीच भारतीय सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन हिमराहत’ के तहत फंसे स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के लिए व्यापक बचाव अभियान चलाया।

यह अभियान रविवार को शुरुआत किया गया गया। यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं सेना के जवान तुरंत प्रभावित इलाकों में पहुंचे गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि अचानक और तेज बर्फबारी के साथ शून्य से नीचे तापमान पहुंचने के कारण कई पर्यटक वाहन संवेदनशील मार्गों पर फंस गए थे। प्रतिकूल मौसम के चलते लोग खुले में कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे थे।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना के जवान तुरंत प्रभावित इलाकों में पहुंचे और राहत व बचाव कार्य प्रारंभ किया। विज्ञापन 46 पर्यटकों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान कुल 46 पर्यटकों को सुरक्षित निकालकर नजदीकी सेना शिविर में पहुंचाया गया।

शिविर में उनका तत्काल चिकित्सीय परीक्षण कराया गया तथा गर्म कपड़े, गरम भोजन, हीटिंग की व्यवस्था और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में जोखिम सेना की मेडिकल टीमों ने सभी व्यक्तियों की स्वास्थ्य स्थिति की जांच कर उन्हें सुरक्षित और स्थिर होने के बाद आगे की आवाजाही के लिए तैयार किया। इसके अतिरिक्त सेना ने समन्वित प्रयासों से 150 से अधिक पर्यटक वाहनों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद की।

गौरतलब है कि यातायात को सुव्यवस्थित कर अफरा-तफरी की स्थिति को रोका गया और ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में जोखिम को कम किया गया। आपदा राहत के प्रति सेना की प्रतिबद्धता रावत ने बताया कि ‘ऑपरेशन हिमराहत’ के तहत की गई यह कार्रवाई दूरदराज और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में मानवीय सहायता एवं आपदा राहत के प्रति सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अत्यधिक ठंड और ऊंचाई वाले इलाकों में भी जवान चौबीसों घंटे राहत कार्यों के लिए तत्पर हैं।

जानकारी के अनुसार, सेना की दौरबद्ध पहल से प्रभावित क्षेत्र में हालात नियंत्रित हुए, आवागमन बहाल हो गया और प्रतिकूल मौसम के बीच संभावित संकट को टाल दिया गया।

यह खबर स्वचालित रूप से संकलित की गई है।

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