मुसीबत में मुंबई : मराठा आरक्षण की आग में सुलग उठी मायानगरी

मुंबई। आरक्षण को लेकर आज सुबह से शुरू हुए मराठा संगठनों के बंद के दौरान मुंबई और पड़ोसी जिलों ठाणे तथा नवी मुंबई में सरकारी बसों पर हमले हुए हैं। मुंबई के कांजुमार्ग और भांदुप इलाकों में बीईएसटी की दो बसों पर प्रदर्शनकारियों ने हमले किये हैं। परिवहन निगम के एक अधिकारी ने बताया कि बसों पर हो रहे पथराव को ध्यान में रखते हुए बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बीईएसटी) ने प्रभावित इलाकों में अपनी सेवा आंशिक रूप से निलंबित कर दी है और हालात सुधरने पर ही उसे पूर्ण रूप से बहाल करेगी।

प्रदर्शनकारियों ने पड़ोसी ठाणे जिले के वाग्ले एस्टेट इलाके में भी सरकारी परिवहन पर पथराव किया। उन्होंने तीन हाथ नाका जंक्शन सहित कई रास्ते अवरूद्ध कर दिये जिसके कारण मुंबई जाने वाली सड़कों पर भीषण जाम लग गया। अधिकारी ने बताया कि नवी मुंबई के घनसोली इलाके में भी एक बस पर हमला हुआ है। घटना के बाद क्षेत्र में बस सेवा निलंबित कर दी गयी है। मुंबई में कई जगहों पर और पड़ोसी रायगढ़ तथा पालघर जिलों में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हैं। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने मराठा समुदाय का कथित रूप से अपमान करने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और लोक निर्माण मंत्री चन्द्रकांत पाटिल के खिलाफ नारेबाजी की। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन के कारण पश्चिमी, मध्य, हार्बर और ट्रांस-हार्बर लोकल ट्रेनों पर कोई असर नहीं पड़ा। गौरतलब है कि मुंबई क्षेत्र में करीब 70 लाख लोग रोज लोकल ट्रेनों से यात्रा करते हैं। सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले मराठा क्रांति मोर्चा ने आज मुंबई और आसपास के कुछ जिलों में बंद का आह्वान किया है। अन्य संगठन सकल मराठी समाज ने नवी मुंबई और पनवेल इलाकों में बंद का आह्वान किया है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कल आयोजित बंद हिंसक हो गया जिसमें प्रदर्शनकारियों के पथराव से एक कांस्टेबल की मौत हो गई जबकि नौ अन्य जख्मी हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों को भी फूंक दिया और दो प्रदर्शनकारियों ने आत्महत्या करने की कोशिश की। महाराष्ट्र बंद का ज्यादा असर औरंगाबाद और आसपास के जिलों में देखने को मिला जहां परसों आरक्षण के पक्ष में निकाले गए मार्च के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी। राजनीतिक तौर पर प्रभावशाली मराठा समुदाय के लिए आरक्षण का मामला बेहद विवादास्पद मुद्दा है। राज्य की आबादी में करीब 30 फीसदी मराठा हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पंढरपुर के मंदिर की अपनी यात्रा मराठा संगठनों की इस धमकी के बाद स्थगित कर दी थी कि वे कार्यक्रम में बाधा पहुंचायेंगे। (एजेंसी)

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