पीलीभीत : अधिकारी के संरक्षण में चल रही अवैध नमकीन फैक्ट्री

  • विनय सक्सेना

पीलीभीत। नगर में मिलावटी खाद्य पदार्थों का निर्माण व बिक्री बेखौफ किया जा रहा है। नगर के बीचों बीच बिना लाइसेंस के नमकीन फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है। फैक्ट्री में नमकीन को पैक करके खुलेआम बेचा जा रहा है। इस फैक्ट्री में बनने वाली नमकीन में घातक रसायनों की मिलावट की कोई सीमा नहीं है जिसके सेवन से नागरिक तमाम खतरनाक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

प्रशासन की नाक के नीचे रंगीलाल चौराहे पर यह अवैध नमकीन फैक्टरी संचालित हो रही है जिसकी प्रशासन को भनक तक नहीं है। ‘अंजुम नमकीन भंडार’ के नाम से चलने वाली इस अवैध नमकीन फैक्ट्री में ‘शेरिया जुम्मा’ ब्रांड की सेव नमकीन और ‘लाजवाब’ ब्रांड से आलू के चिप्स सहित अन्य उत्पात बनाए जा रहे हैं। इस अवैध नमकीन फैक्ट्री के पास खाद्य पदार्थो के उत्पादन के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा जारी होने वाला अनिवार्य FSSAI लाइसेंस भी नहीं हैं साथ ही इसके पैकेटों पर कोई बैच नंबर नहीं होता है और न ही एक्सपायरी डेट होती है। इस नमकीन को शहर सहित दूर दराज के गांवों में बड़ी मात्रा में धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। नमकीन में जो मसाला डाला जाता है वह चर्म रोग, लीवर व पेट की बीमारियां पैदा करता है। सूत्रों के अनुसार यह अवैध नमकीन फैक्ट्री खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी विजय कुमार वर्मा के संरक्षण में चल रही है।

अधिकारी नहीं कर रहे कार्यवाही

दूर दराज गांवों में इस नमकीन के खाने से काफी लोग बीमार हुए हैं। इस नमकीन को खाने से बीमार हुए एक बच्चे के अभिभावक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी से इन नमकीन के पैकेट्स को साथ लेकर मिले और उन्हें सारी बात से अवगत कराते हुए कार्यवाही की मांग की। लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

सरकार को लग रहा है लाखों का चूना

अक्सर ऐसी अवैध खाद्य फैक्टरियों का वाणिज्य कर विभाग मैं भी कोई रजिस्ट्रेशन नहीं होता है और इनके मालिक भी सरकार को इनकम टैक्स नहीं देते हैं। ऐसे ये सरकार को लाखों का चूना लगा रहे हैं।

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