नवाबगंज में ब्लॉक अधिकारियों ने सामूहिक विवाह के नाम पर कर दिया ‘घोटाला’, शादीशुदा और नाबालिग बच्चियों की भी करा दी शादी

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  • रियाजुद्दीन अंसारी

बरेली। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ गरीब बच्चियों के विवाह को लेकर सूबे भर में सामूहिक विवाह का आयोजन करा रहे हैं । इस योजना के अंतर्गत ऐसी गरीब परिवारों की बच्चियों का विवाह कराया जाता है जो परिवार अपनी बच्चियों की शादी का भारी-भरकम खर्च नहीं उठा सकते। इन सामूहिक विवाह का सारा खर्च सूबे की सरकार वहन करती है। लेकिन दूसरी ओर उन्हीं के अधिकारी इस महत्वपूर्ण योजना का मखौल उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। इस योजना की धज्जियां उड़ाने के लिए कुछ लोग ब्लॉक के अधिकारियों से सांठगांठ कर योगी सरकार की आंखों में धूल झोंक रहे हैं।

सामुहिक विवाह की फ़ाइल फोटो

दरअसल हम बात कर रहे हैं जिला बरेली के नवाबगंज की, जहां योगी सरकार की आंखों में धूल झोंककर कई फर्जी विवाह करा दिए। योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए ब्लॉक के सम्मानित लोगों ने अधिकारियों के साथ एक बैठक की। जिसमें सरकार की योजना का लाभ पात्र लोगों तक कैसे पहुंच सके इसका हल निकाला गया, जिसके बाद 14 नबंवर को नवाबगंज ब्लॉक परिसर में लगभग 55 जोड़े विवाह के बंधन में बांधे गए और सभी को बखूबी आशीर्वाद दिया गया। इन 55 जोड़े में वह लोग भी शामिल थे जो ब्लॉक के अधिकारियों व सम्मानित लोगों के घर का खर्चा चलवा रहे थे। मामला तब सामने आया जब हमारी टीम ने क्षेत्र में पहुंकर इसका सर्वे किया, जब हमारी टीम नवाबगंज ब्लॉक के फाजिलपुर गांव पहुंची तो वहां बड़ा ही चौकाने वाला मामला सामने आया।

शादीशुदा और नाबालिगों की भी करा दी शादी

नवाबगंज ब्लॉक में उन दम्पत्तियों का विवाह भी करा दिया था जिनका विवाह कई वर्ष पहले ही चुका है, वहीं अधिकारियों ने अपनी जेब गर्म करने के लिए कई नाबालिग बच्चियों की भी शादी कर दी। अधिकारियों ने यह कारनामा करने के लिए लाभार्थियों के आधार कार्ड का संशोधन करा दिया और सरकार को गुमराह कर योजना का लाभ ले लिया।

सामुहिक विवाह की फ़ाइल फोटो

सामूहिक शादियों के नाम पर किया गया है बड़ा घोटाला

समारोह में कितनी शादियां कराई गयीं इसको लेकर भी अधिकारी और संयोजकों के अपने अपने बयान हैं। पहले कहा जा रहा था कि लगभग 80 शादियां हुई हैं। अब जब यह मामले कि पोल खुलनी शुरू हुई है तो शादियों की संख्या में एकदम से भारी कमी आ गयी है। बीडीओ चंद्रमोहन कनौजिया कहते हैं कि लगभग 55 जोड़े विवाह सूत्र में बंधे थे तो वहीं ब्लॉक प्रमुख विनोद दिवाकर के अनुसार सिर्फ 40 शादियां ही हुई थीं।

लाभार्थियों के चयन से पहले किया गया था सत्यापन

दरअसल आवेदन करते समय वीडीओ को अच्छी तरह जांच करने के आदेश दिए गए थे, और सत्यापन करने के लिए एसडीएम ऑफिस को कहा गया था। जिसके बाद ही चयनित लोगों की एक लिस्ट जारी की गई, उसके तहत इस योजना का लाभ दिया गया । फाजिलपुर गांव के फर्जी विवाह के मामले में जब वीडीओ नवाबगंज से बात की गई तो उन्होंने जांच की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। मामला जिले के आलाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद भी जिले के आलाधिकारी मूकदर्शक बने बैठे हैं।

बीडीओ ने माना नाबालिग बच्चियों की हुई शादी

वहीं इस मामले में नवाबगंज के बीडीओ चंद्रमोहन चक्र कनौजिया से बात की गयी तो उनका कहना था कि

अभी कुछ दिन पहले मामला संज्ञान में आया है कि कुछ नाबालिग बच्चियों की शादियां हुई हैं। सर्वे के वक्त सब सही था। मामले की जांच की जा रही है

ब्लॉक प्रमुख बोले बीडीओ, एडीओ और सचिव हैं ज़िम्मेदार

नवाबगंज के ब्लॉक प्रमुख विनोद दिवाकर कहते हैं-

“रजिस्ट्रेशन लगभग 70 लोगों के हुए थे लेकिन 40 से 42 लोगों के विवाह हुए थे। सुनने में आया है कि दो तीन गांव में सचिवों ने मिलकर कुछ गलत शादियां करा दी हैं जिसकी जांच चल रही है। यह मामला विधायक जी केसर सिंह गंगवार के संज्ञान में भी आया है। सुनने में आया है कि कुछ नाबालिग बच्चियों की शादी कराई गई है। अभी सिर्फ कथित रूप से सामने आया है, जांच चल रही है, दोषियों के ऊपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें बीडीओ, एडीओ और सचिव तीनों का इंटरफेयर रहता है। इन लोगों को देखकर ही सही शादियों को स्वीकृत करना चाहिए था।”