पांच वक्त की नमाज घरो में अदा करे मुसलमान : मुफ्ती साजिद हसनी

मुस्लिम धर्म गुरू मशहूर स्कालर मुफ्ती साजिद हसनी ने भारत के मुसलमानों से अपील की है कि वह पांच वक्त की नमाज़ घर में अदा करें और अपने अपने घरों में बगैर माइक के अज़ान दें। मुुसलमानों से अपील है कोरोना वायरस जैसे जानलेवा मूज़ी मर्ज़ के छुटकारे के लिए मुल्क में अमन और शांति के लिए मुसलमान पांच वक्त की नमाज और अपनी अपनी छतों पर अज़ान पढ़ें ,
दुनिया पर भयानक संकट – कोरोना वायरस पर चर्चा करते हुए मुफ्ती साजिद हसनी कादरी ने ऐलानिया कहा कि मुसलमान ऐसे नाज़ुक तरीन माहौल में हुकूमत का साथ दें हुकूमत द्वारा दिये गए आदेशों का पालन करेें उन्होंने कहा कि हमारे बुज़ुर्गों ने किसी भी प्राकृतिक आपदा के वक़्त अज़ान पढ़ने का हुक्म दिया है इसलिए अपनी अपनी छतों पर व घर में अज़ान पढ़ें , जिनके यहां शादियां हैं वह भीड़ भाड़ खत्म करें सिर्फ निकाह का एहतिमाम करें, दावतों को खारिज करें। इस वक़्त किसी तरह का गोश्त इस्तेमाल में ना लें डॉक्टर्स की सलाह लें बेहतर है एक दूसरे से हाथ मिलाने से परहेज़ करें , एक साथ ज़्यादा लोग इकट्ठा ना हों , बाहर आना जाना बंद करें। मुफ्ती नूर मोहम्मद हसनी ने कहा है कि कोरोना तब तक आपके घर नही आएगा जबतक आप उसे बाहर लेने नही जाएंगे। इसलिए हुकूमत के आदेश तक घर मे रहें , महफूज़ रहें। मुसलमान हुकूमत के साथ है। कोरोना वायरस से हिफ़ाज़त के लिये जो हिदायतें दी गईं है उस पर पाबंदी के साथ अमल करें और ज़रूरी हैं एहतियात बरतें।
घरों में रहकर अपनी और अपनों की हिफ़ाज़त करें। मुफ्ती साजिद हसनी ने बताया कि यह लॉकडाउन सबके लिए है मगर मसजिद बंद न की जाएं। इमाम के साथ 3-4 लोग नमाज़ पढ़ते रहें। बाक़ी लोग मकान में नमाज़ अदा करें। इंतिज़ामीया से इसकी इजाज़त ले ली जाए। मुफ्ती साजिद हसनी कादरी ने करोना के बारे मे विस्तार से जानकारी दी उन्होंने बताया कि
1. कोरोनावायरस क्या है ?
कोरोनावायरस वायरस का एक बड़ा परिवार है जो जानवरों या मनुष्यों में बीमारी का कारण हो सकता है। सबसे हाल ही में खोजे गए कोरोनावायरस का नाम कोरोनोवायरस रोग COVID-19 है।अब तक 170 से ज्यादा देशों में पहुंच चुके इस COVID-19 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने “महामारी” घोषित कर दिया है।
2. कोरोनावायरस कैसे फैलता है ?
जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं. इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं।संक्रमित व्यक्ति के नज़दीक जाने पर ये विषाणुयुक्त कण सांस के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।साथ ही किसी संक्रमित व्यक्ति द्वारा किसी सतह या वस्तु को छुआ जाए तो ये वायरस उन सभी सतह और वस्तुओं पर भी मौजूद रहेगा, यदि आप इन सतह और वस्तुओं को छूते हैं और फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंचते हैं और आपको भी संक्रमित कर सकते है।कोरोनावायरस आपके शरीर में आपके आंख , नाक वा मुंह से प्रवेश कर सकता है। इसीलिए महत्वपूर्ण है आप दूसरे व्यक्तियों से दूरी बनाकर रखें, अपने हाथ को चेहरे से दूर रखें और हाथ धोते रहें।
3. कोरोनावायरस होने के क्या लक्षण हैं?
व्यक्ति के शरीर में पहुंचने के बाद कोरोना वायरस उसके फेफड़ों में संक्रमण करता है। इस कारण सबसे पहले बुख़ार तथा उसके बाद सूखी खांसी आती है। बाद में सांस लेने में समस्या हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार वायरस के शरीर में पहुंचने और लक्षण दिखने के बीच 14 दिनों तक का समय हो सकता है (इनक्यूबेशन पीरीयड).
4. कोरोनावायरस से कैसे बचाव करें?
सबसे महत्वपूर्ण है कि आप बाहर ना निकलें, आप को पता भी नहीं होगा पर आप किसी ऐसे सतह या मनुष्य के संपर्क में आ सकते हैं जो संक्रमित हो। यदि किसी परिस्थिति में बाहर निकलना भी पड़े तो कम से कम 1 मीटर का डिस्टेंस बना कर रखें । बार-बार साबुन और पानी से, कम से कम 20 सेकंड तक, अच्छे से हाथों को धोएँ। जब साबुन से हाथ धोना सम्भव न हो, तो कम से कम 60% अल्कोहल वाले सैनिटाइजर (sanitiser) को सूखे हाथों पर अच्छे से लगा कर मलें।खाँसते अथवा छींकते हुए नाक और मुँह को रुमाल, टिशू अथवा अपनी क़मीज़ की बाजू से ढकें
5. कोरोनावायरस के लक्षण होने पर क्या करें ?
1.यदि आप पिछले एक माह में विदेश से आए हैं या किसी ऐसे व्यक्ति के कॉन्टैक्ट में जिसे कोरोनावायरस होने की पुष्टि हो चुकी हो। ऐसे स्तिथि में आप हैल्थ कंट्रोल रूम से संपर्क कर जिला अस्पताल के फ्लू कॉर्नर पे आकर डाक्टर से मिलेें।
2. यदि आप विदेश से नहीं आए हैं और किसी पॉजिटिव केसेस के संपर्क में भी नहीं आए है, ऐसे स्तिथि में किसी नजदीकि अस्पताल या नीचे दिए गए डॉक्टरों के नंबर पर संपर्क करें। डॉक्टर स्वयं जांच लेंगे की आपको सिर्फ नॉर्मल फ्लू है या कोरोनावायरस। कृपया करके आप घबराए नहीं, नॉर्मल फ्लू को कोरोनावायरस से कंफ्यूज ना करें। कोरोनावायरस के केसेस अभी जो विदेश से आए हैं या ऐसे व्यक्ति जो उनके संपर्क में आए है अधिकतर उनमें ही मिल रहे है। ये वायरस आगे ना फैले इस लिए सरकार ने लॉकडाउन घोषित किया है।
6. क्या मास्क लगाने की आवशयकता है?
अगर आपको सांस लेने से जुड़ी कोई दिक्कत है, आप छींक रहे हैं या खांसी है, तो नाक व मुँह ढकने हेतु मास्क (नक़ाब) पहनने की सलाह दी जाती है ताकि बाक़ी लोग सुरक्षित रहें।अगर आपको ऐसे कोई लक्षण नहीं हैं, तो मास्क पहनने की ज़रूरत नहीं है। मास्क की आवश्यकता हैल्थ वर्कर्स को है या ऐसे लोग जो किसी कोरोनावायरस के संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं। ऐसे लोग जो क्लोज कॉन्टैक्ट में है उनके लिए मास्क आवश्यक है।