शाहदाना वली के उर्स में दूसरे दिन लगा रहा अक़ीदतमंदों का ताता

  • मुनीब हुसैन

बरेली। दूसरे दिन भी जारी रहा अक़ीदतमंदों का ताता लगा रहा । शाहदाना वली के उर्स में दूसरे दिन का आगाज़ नमाज़े फ़र्ज के साथ तिलावते कलाम ए पाक से हुआ। दोपहर नमाज़े असर के बाद मोहल्ला चक नवादा स्थित मरहूम अब्दुल करीम के निवास से जुलूस ए गागर अपनी परंपरागत रास्तों से होता हुआ दरगाह पहुँचा। जुलूस ए गागर की क़यादत हज़रत सूफी रिज़वान रज़ा खाँ ने की।
बाद नमाज़े ईशा उलेमा इकराम ने अपनी तकरीर में शहर कुतुब सरकार शाहदाना वली रहमतुल्लाह अलेह के साथ साथ बुज़ुर्गों की करामातों और खूबियों को बयां किया, उलेमा ने कहा कि

सब्र का दामन थामें रहने वालों को ही कामयाबी मिलती हैं, नमाजी बनोंगे तो हर मुसीबत से बचे रहोगें। नमाज़ तमाम बुराइयों से बचाती हैं, इसलिये मस्जिदों की रौनक बढ़ाओ अल्लाह हर घर में अपनी रहमत की बारिश कर देगा।

उलेमाओं में ख़ासतौर से हज़रत तौसीफ़ नुरानी, मुफ़्ती हसन रज़ा मुरादाबादी, नातख्वाह मौलाना ताहिर फरीदी आदि शामिल रहे। देर रात तक तक़रीर व महफ़िल जारी रही इस दौरान 1 बजकर 40 मिनट पर हुज़ूर मुफ़्ती ए आज़म हिन्द के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। जिसमें मुल्क़ व अवाम की सलामती खुशहाली तरक़्क़ी के लिये ख़ुसूसी दुआ की गई।
वही उर्स के कार्यक्रम सूफ़ी अब्दुल वाजिद खाँ की देखरेख में सम्पन्न हुए।
इस मौके पर दरगाह के मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने बताया कि 30 नवम्बर को उर्स में चादरों का जुलूस होगा।